भोपा । युसुफपुर गांव में तालाब के गहरे पानी मे डूब जाने से दादा व पौते की मौत हो गयी। दोनों के शवों को तालाब से बाहर निकाला गया। अधेड़ व मासूम की मौत से परिवार में जहां मातम पसर गया है। वहीँ गाँव मे शोक की लहर दौड़ गयी है।
भोपा के निकटवर्ती गाँव युसुफपुर में शुक्रवार की दोपहर तीन बजे लगभग 55 वर्षीय माँगेराम कश्यप अपने तीन वर्षीय पौत्र आरू पुत्र सन्दीप के साथ गाँव स्थित मंदिर के पास वाले तालाब किनारे पेड़ की छांव में बैठा हुए थे कि अचानक माँगेराम का पाँव फिसल गया। जिससे मांगेराम व उसकी गोद मे बैठा पौत्र आरू गहरे पानी मे समा गये। पास ही खेल रहे बच्चों ने यह देखकर शोर मचा दिया।शोर सुनकर ग्रामीण उधर दौड़े।तथा माँगेंराम व आरू को किसी प्रकार तालाब से बाहर निकाल लिया। दोनों को भोपा अस्पताल में ले जाया गया जहाँ चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दादा पौते की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मासूम आरू की माता सीता का रोरोकर बुरा हाल है।माँगेराम का पुत्र सन्दीप गुरुग्राम में रहकर कार्य करता है। शुक्रवार के हादसे के पूर्व सन्दीप की पत्नी सीता अपने पुत्र आरू व डेढ़ वर्षीय पुत्री निया के साथ घर पर रहती है। माँगेराम एक पुत्र अश्विनी की बीते 23 फरवरी माह में थाना क्षेत्र के कासमपुर चौराहे पर हुई सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी। चार माह के दौरान परिवार में तीन मौत हो जाने से मजदूर परिवार गहरे सदमे में आ गया है। वहीँ घटना से गाँव मे शोक की लहर दौड़ गयी है। ग्रामीणों ने तालाब के किनारे दीवार कराने की मांग प्रशासन से की है।


