मुजफ्फरनगर। अपर पुलिस महानिदेशक , मेरठ जोन मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , जनपद मुजफ्फनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा तथा प्रभारी निरीक्षक थाना खालापार महावीर सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में थाना खालापार पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही।
*घटना का संक्षिप्त विवरण-* दिनांक 15.10.2025 को थाना खालापार पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 154/25 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/61 (25) बीएनएस मे वांछित 02 शातिर अभियुक्तगणों को जशोधरा इंड्रस्ट्रीयल एरिया कोटद्वार उत्तराखण्ड से गिरफ्तार किया गया।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण के नाम-*
*1.* मोनू उर्फ महबूब उर्फ महमूद हसन पुत्र हुसैन अहमद नि० तेवडा थाना ककरौली जनपद मु० नगर उम्र करीब 36 वर्ष
*2.* रहीश मलिक पुत्र नसीबुद्दीन नि० कैला भट्टा थाना कोतवाली जनपद गाजियाबाद उम्र करीब 50 वर्ष
*पूछताछ का विवरण-* गिरफ्तार अभियुक्त महबूब उर्फ मोनू द्वारा पूछताछ के दौरान बताया कि मेैं AKSHA RECYCLING AND WASTE MANAGEMENT PVT. LTD. जानसठ रोड मु० नगर की एक फर्म है जिसके मालिक सोनू मलिक के लिये हम काम करते है जिसका डायरेक्टर शादाब है। सोनू मलिक मुझे ऑनलाईन / मोबाईल के माध्यम से E WAY के बिल अन्य फर्जी कम्पनीयां जैसे 1- SANT STEEL AND ALLOYS, 2-KOTDWAR STEEL, 3- SUPREME STEELS AND ALLOYA आदि के खरीदने व विक्रय करने के E WAY व इन्वॉईस भेजता थे जिन्हे मैं शादाब के मुजफ्फरनगर मे स्थित ऑफिस में कार्य करने वाले नदीम व समीर को व्हाटसएप के माध्यम से भेजता था जहाँ वह लोग जीएसटी के फर्जी बिल तैयार करते थे तथा यहीं पर बिल के अनुसार फर्जी कांटा पर्ची तैयार करते थे और उनकी ट्रांसपोर्ट बिल्टी भी यहीं पर तैयार करते थे कांटा पर्ची और ट्रांसपोर्ट बिल्टी पर मैं उन गाड़ियो का नंम्बर डालता था जिनकी लिस्ट हमें पहले से मिली होती थी तथा वह लोग अलग अलग कम्पनियो की मोहर भी रखते थे और यहीं पर उन कम्पनियो के फर्जी बिल तैयार करते थे तथा एक पूरे बिल को हम इस तरह तैयार करते थे उसमें वह लोग टेक्स इनवोईस, ई वे बिल, बिल्टी और दूसरे तरह के बिल को हम टेक्स इनवोईस, ई वे बिल, ट्रांसपोर्ट बिल्टी व धर्म कांटे की पर्ची के साथ तैयार कर हम फाईल तैयार करते थे और इन फाईलो को फिर हम आगे भेज देते थे। ये फाईल आगे कहां जाती थी इसके बारे में हमारे मालिक ही जानते है। हम लोग ये जो फर्जी बोगस बिल तैयार करते थे उसी का इस्तेमाल करके हमारे मालिक सरकार से जीएसटी के रूपये वापस लेता है और मुनाफा कमाता है। इसी के माध्यम से शादाब उपरोक्त अरबो रूपये के फर्जी बोगस बिल तैयार कराकर करोड़ो रूपये की चोरी करते है मुझे भी मुनाफे में मेरा हिस्सा मिलता है व दूसरे व्यक्ति रहीश मलिक ने पूछने पर बताया कि साहब में भी इन्ही लोगो के साथ काम करता हूँ मै कोट द्वारा स्टील का डायरेक्टर हूँ लेकिन कोट द्वार स्टील कम्पनी व संत स्टील मे ई स्क्रैप का माल ना तो आता है ना जाता है जबकि संत स्टील कोट द्वार स्टील कम्पनी मे लोहे की इंगट बनाने का कार्य करते है जहाँ नम्बर 01 के इंगट के बिल बनाये जाते थे जिससे 100 गुना जीएसटी के कूटरचित बिल बनाते थे। हम लोग सिर्फ कागजो मे ई-स्क्रैप के माल का क्रिय-विक्रय फर्जी व कूट दस्तावेज के माध्यम से करते है जिसके हमारे मालिक ट्रैडिंग का काम बताते है मालिक के कहने पर ही हम फर्जी कूट रचित बिल तैयार करते है तथा हम लोग कभी-कभी ही कम्पनी चलाते है व उसकी आड़ में फर्जी जीएसटी बिल बनाकर राजस्व कर (जीएसटी) की चोरी करते है तथा धोखाधडी से मोटा मुनाफा कमाते है जिसका मुनाफा कैस के रूप में हमे भी मिलता है। साहब मेरा काम कम्पनी के बैंक चैक पर हस्ताक्षर करना व कम्पनी के अन्य दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना है।
*गिरफ्तार करने वाली टीम-*
*1.* उ0नि0 लोकेश कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*2.* है0का0 591 राहुल कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*3.* है0का0 70 शिवओम भाटी थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*4.* का0 730 गवेन्द्र सिंह थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*5.* का0 32 जितेन्द्र कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*6.* का0 1687 राजीव कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*7.* का0 1149 संदीप कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*8.* का0 1265 राहुल कुमार थाना खालापार, मुजफ्फरनगर।
*MEDIA CELL, MUZAFFARNAGAR POLICE*


