मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर को महापालिका बनाने व रोडवेज बस स्टैंड का तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि माफिया और अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके लिए इस धरती पर कोई स्थान नहीं होगा, और ध्यान याद रखें जब बंटे थे तभी कटे थे। आज कांवड़ यात्रा में बेडिकेडिंग नहीं लगती बल्कि हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि को मिली 951 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों और सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विकास के मामले में सरकार जनता को कभी निराश नहीं होने देगी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी को शुभकामनाएं दीं। इसी बीच जनसभा में मौजूद कुछ समर्थकों ने सीएम योगी के चित्र के पोस्टर पकड़े थे, जिनमें से कुछ को सीएम ने मंच पर आमंत्रित भी किया
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नया भारत अपनी विरासत का सम्मान करते हुए विकास के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करे और देश को आगे बढ़ाए।उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में अब भाई-भतीजावाद या सिफारिश की कोई गुंजाइश नहीं है। युवाओं से उन्होंने कहा कि अगर वे मेहनत करेंगे तो उन्हें जरूर सफलता मिलेगी। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है, इसलिए युवाओं को निराश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी करनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। सरकार लगातार रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में करीब 11 हजार युवाओं ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया है। जिन युवाओं को आज नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, उन्हें उन्होंने बधाई दी और कहा कि जिन्हें अभी अवसर नहीं मिल पाया है, उन्हें भी आगे और मौके दिए जाएंगे।उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए नई योजनाएं और सुविधाएं ला रही है, ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने लोगों से अपील की कि क्षेत्र में जो सकारात्मक और सुखद वातावरण बना है, उसे बनाए रखें और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने के लिए हर भारतवासी को इस संकल्प से जुड़ना होगा और हर स्तर पर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश के विकास में आधी आबादी यानी महिलाओं की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पहले भी समर्थन किया था और आज भी इसके पक्ष में अपनी बात रखी है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। जब समाज मिलकर आगे बढ़ता है तो दुनिया की कोई ताकत उसकी राह में बाधा नहीं बन सकती। सीएम योगी ने मंच से बोलते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर की धरती पर नवाचार की भी अच्छी परंपरा रही है। यहां के एक किसान नेता ने ईंधन की कमी को देखते हुए अपनी जिम्मेदारी समझी और गोबर गैस प्लांट के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति शुरू की। यह किसानों की सोच और नवाचार का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर का गुड़ पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां का गुड़ देखकर ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। यह सब किसानों की मेहनत और उनके परिश्रम का परिणाम है, जो गन्ने की खेती के माध्यम से खेतों में मिठास पैदा करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2002 से 2017 तक के 17 वर्षों में किसानों को कुल 2 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया था, जबकि उनकी सरकार ने केवल नौ वर्षों में ही 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया है। यानी आधे समय में करीब 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये अधिक भुगतान किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश के महापुरुषों को जातीय दायरे में नहीं बांधना चाहिए। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद होने वाले वीरों ने किसी जाति के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जैसे महानायक किसी जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि देश और धर्म की रक्षा के लिए लड़े थे।
उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने स्वदेश और स्वधर्म के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। इसी तरह चौधरी चरण सिंह ने भी समाज के हर वर्ग के कल्याण की बात की। उन्होंने किसानों, गांवों, श्रमिकों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी, लेकिन कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा किइन महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है। वे समाज और देश के मार्गदर्शक हैं। राष्ट्रनायक किसी जाति के नहीं होते, बल्कि पूरे देश को दिशा देने वाले होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महापुरुषों को जातीय दायरे में कैद करने का पाप न करें, क्योंकि उनकी प्रेरणा ही समाज और देश को आगे बढ़ाने की शक्ति देती है।
सीएम योगी ने कहा कि 23 दिसंबर 2026 को किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती के 125 वर्ष पूरे होंगे। इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इसे भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि महापुरुषों को संकीर्ण जातीय दायरों में न बांटा जाए। समाज के महान व्यक्तित्व पूरे देश और समाज के होते हैं, इसलिए उनका सम्मान सभी को मिलकर करना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर कार्यक्रम को देखते हुए मुजफ्फरनगर जनपद के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में पूरे जनपद में सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए गए थे पूरा नुमाइश पंडाल को आज छावनी में तब्दील कर दिया गया था मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ऐतिहासिक सफलता के साथ सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहिल्याबाई चौक पर स्थित देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति का बटन दबाकर लोकार्पण किया। साथ ही मूर्ति पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार व केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
नुमाइश पंडाल में रोजगार महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर, विधायक राजपाल बालियान, प्रसन्न चौधरी, अशरफ अली, वंदना वर्मा एम एल सी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव कुमार बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक और विक्रम सिंह सैनी, सांसद चंदन सिंह चौहान, पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल निर्वाल सहित तमाम वरिष्ठ दिग्गज नेता मौजूद थे।


