मुज़फ्फरनगर। शहर के एक बड़े ही चर्चित हसन हुसैन एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े कई विद्यालयों जिनमें विशेष रूप से बचपन प्ले स्कूल और ऑक्सफोर्ड स्कूल में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसको लेकर ट्रस्ट के आजीवन सदस्य, संस्थापक और सचिव मुदस्सिर हुसैन ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ट्रस्ट के सदस्य मुदस्सिर हुसैन ने बताया कि ट्रस्ट के नाम पर की जा रही लाखों रुपए की सम्पत्ति हड़पने के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित मूल ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन संख्या 31 के तहत इन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा था। लेकिन वर्ष 2025 में 17 जुलाई और 28 अक्टूबर को इसी नाम से दो नए ट्रस्टों का गठन कर संस्था की मूल संरचना में बदलाव किया गया। आरोप है कि इन हमनाम ट्रस्टों के गठन में नियमों की अनदेखी की गई और पुराने ट्रस्ट के दस्तावेजों एवं पैन कार्ड का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। मामले में वित्तीय अनियमितताओं का पहलू भी बेहद गंभीर बताया जा रहा है। नवंबर 2025 में केनरा बैंक की लद्दावाला शाखा में तीन नए खाते खोले गए, जिनमें कथित रूप से फर्जी या परिवर्तित दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन किया गया। इतना ही नहीं, विद्यालय की फीस को ट्रस्ट के अधिकृत खातों में जमा कराने के बजाय निजी खातों में ट्रांसफर कराने का भी आरोप है।मुदस्सिर हुसैन का दावा है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच लगभग 15 लाख रुपये की राशि पुराने पीएनबी खाते से निजी खातों में स्थानांतरित की गई। साथ ही आयकर रिटर्न वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी तथ्यों को छुपाकर ट्रस्ट की वास्तविक स्थिति को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट से जुड़े करीब 400 गज के प्लॉट के किराये में अनियमितता, अयोग्य व्यक्ति को प्रधानाचार्य नियुक्त करने और प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।संस्थापक का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और अभिभावकों के विश्वास पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट को पारिवारिक ट्रस्ट में बदलकर करोड़ों की संपत्ति को निजी बनाने की साजिश रची जा रही है। मुदस्सिर हुसैन ने मुज़फ्फरनगर प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, ट्रस्ट व विद्यालयों के सभी वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र ऑडिट कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।