Access denied मुजफ्फरनगरश्री राम कॉलेज में एआई जागरूकता अभियान का सफल आयोजन - Taja Report

Taja Report

मुजफ्फरनगरश्री राम कॉलेज में एआई जागरूकता अभियान का सफल आयोजन

मुजफ्फरनगर । श्री राम कॉलेज, मुजफ्फरनगर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान की शुरुआत 10 दिसंबर, मानव अधिकार दिवस के अवसर पर की गई। अभियान का शीर्षक “एआई यस बट नो ” रखा गया, जिसका उद्देश्य एआई के सकारात्मक उपयोग के साथ-साथ उसके सीमित, नैतिक और जिम्मेदार प्रयोग को रेखांकित करना था।

इस अभियान के अंतर्गत पत्रकारिता विभाग के बी ए जे एम सी प्रथम वर्ष के छात्र मोहित राय, हिमानी, आदिति, महक, सौरव, आयुष, लक्की, तथा एम ए जे एम सी के छात्र उदय, शशि आदि विद्यार्थियों ने कॉलेज के विभिन्न विभागों और कक्षाओं का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को एआई टूल्स के उपयोग, उनकी उपयोगिता, सीमाएँ, लाभ, हानि तथा नैतिक प्रयोग के प्रति जागरूक किया। पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार किए गए पोस्टर, कलाकृतियाँ और रचनात्मक सामग्री का ही प्रयोग किया गया, जिससे अभियान का उद्देश्य प्रभावी और सरल ढंग से समझाया जा सके।

इस संगठनात्मक अभियान का मुख्य उद्देश्य जेमिनी, चैट जीपीटी, ग्रोक जैसे एआई टूल्स के शैक्षणिक उपयोग, उनके लाभ, संभावित जोखिम और दुरुपयोग के प्रति विद्यार्थियों को सचेत करना था। अभियान के दौरान “एआई उपयोगी है, जागरूकता ज़रूरी है।”

“एआई है एक वरदान, इससे न करें कोई गलत काम” जैसे प्रेरक नारों के साथ विद्यार्थियों द्वारा रचित नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक, स्लोगन और पोस्टर के माध्यम से अभियान को और अधिक प्रभावशाली, रोचक एवं सार्थक बनाया गया।

कॉलेज परिसर के सभी विभागों में जाकर विद्यार्थियों को एआई के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही शिक्षकों के साथ संवाद के माध्यम से एआई के लाभ, हानि और भविष्य में इसके प्रभावों पर सार्थक चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यूरोपीय संघ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित कानून बनाया है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार एआई उपयोग को सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत डीपफेक, गलत सूचना, बायोमेट्रिक डेटा जैसे जोखिमों को ध्यान में रखते हुए एआई को विभिन्न जोखिम-आधारित श्रेणियों में बाँटकर निगरानी बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।

इस अवसर पर श्री कॉलेज की प्रिंसिपल प्रेरणा मित्तल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदार और नैतिक उपयोग समय की आवश्यकता है। ‘कॉलेज की प्रिंसिपल प्रेरणा मित्तल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदार और नैतिक उपयोग समय की आवश्यकता है। ‘ए आई यस बट नो अभियान विद्यार्थियों को एआई के सही उपयोग और उसके संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करने की सराहनीय पहल है। अभियान विद्यार्थियों को एआई के सही उपयोग और उसके संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करने की सराहनीय पहल है।

यह एआई जागरूकता अभियान तीन दिनों तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश कुशवाहा द्वारा की गई। विद्यार्थियों एवं शिक्षण संकाय के सहयोग से यह अभियान अपने उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

Taja Report
Author: Taja Report

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

jojobet güncel giriş
jojobet giriş
jojobet
casibom güncel giriş
casibom giriş
casibom
jojobet güncel giriş
jojobet giriş
jojobet
grandpashabet güncel giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet
jojobet güncel giriş
jojobet giriş
jojobet
pusulabet güncel giriş
pusulabet giriş
pusulabet
pusulabet güncel giriş
pusulabet giriş
pusulabet
casibom güncel giriş
casibom giriş
casibom
jojobet