मुजफ्फरनगर । जागृति कारी संत नयन सागर जी महाराज ने कहा कि किसी रोगी को रोग हो गया है तथा दवाई नही ले रहा है बल्कि दवाई का नाम याद है तो रोग सही नही होगा यदि दूसरा व्यक्ति जिसको रोग है परंतु अज्ञानी है तथा दवाई ले रहा है तो वह अपना रोग सही कर लेगा। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी महाराज श्री का आशीर्वाद लिया।
ग्रन्थ को पढने वाले बहुत व्यक्ति है पंरतु सच्ची श्रद्धा से व्यक्ति अपना कल्याण कर सकता है। मंदिर में दर्शन करने आते है परंतु भक्ति भाव नही कर पाते नाशदृष्टि है उनका संभव नाशादृष्टि पर है सिकन्दर जब मर जाता है तो उसके दोनो हाथ बाहर थे, अर्थी जब जा रही थी तो व्यक्ति पूछते है सिकन्दर के हाथ बाहर क्यों है।
हम भ्रम में जी रहे है कि हमारे साथ दौलत गाडी हमारे साथ आयेगी। यदि औषधी के बारे में सही जानकारी होगी तो तभी हम अपना रोग सही कर सकते है अपने आपको बदलो दूसरो को बदलने का भ्रम मत रखो हमे मंदिर में परमात्मा को दर्शन करने आ रहे सच्ची भक्ति एवं श्रद्धा इंसान अपना कल्याण कर पायेगें कुछ सिर्फ हाजरी लगाने आते है। इंसान चाहते है मंदिर में मेरे अनुसार पूजा आरती हो इस भ्रम में रहते है।
अच्छा कार्य करने के लिये मन को पवित्र बनाये मन से मिटा दे अंधेरा परमात्मा दे दे उजाला । महावीर भगवान जहां जहां गये वहां उजाला हो जाता है तथा अकेले ही आत्म कल्याण का सही मार्ग बताया। हमें यदि अपना आत्म कल्याण करना है तो अपने अन्दर प्रकाश करना होगा तथा सच्ची देव शास्त्र गुरू पर सच्ची श्रद्धा रखनी होगी। व्यक्ति बहुत ही व्यस्त है तथा अपने अंदर अंधेरा रखता है तथा मन में पवित्रता एवं श्रद्धा नही है तो कल्याण नही हो पायेगा अतः हमें कल्याण करने के लिये मन में उजाला करना होगा पुरूषार्थ करना होगा। तभी हम कल्याण कर पायेगे।


