टूल किट ब्रिगेड और इसके इंडी चमचों ने कोविड वैक्सीन पर भारतीय वैज्ञानिकों को बदनाम करने की मुहिम चलाई है। खासतौर से चुनाव के मौके पर उन्हें यह याद आया। जब दुनिया में लाशों के अंबार लगे थे तब हमारे वैज्ञानिकों ने दुनिया को वैक्सीन का तोहफा दिया। भारत में मुफ्त वैक्सीनेशन किया गया। वैक्सीन का सच जानने के लिए पूरा पढ़े और अफवाहों से बचे ं
भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव हो रहा है ऐसे मे विदेशी मीडिया से एक खबर प्लांट की जाती है कि covishield vaccine लेने वालों की लहू का थक्का ज़मने, हार्ट अटैक से मृत्यु हो रही है ऐसा साइड इफेक्ट करोड़ों मे से किसी एक दो लोगों मे देखने को मिला है ऐसा साइड इफेक्ट बहुत दुर्लभ स्थिति मे देखने को मिला है यही बात covishield बनाने वाली कंपनी ने कोर्ट में बताई है।
लेकिन भारत मे रहने वाले देश विरोधी से भी ज्यादा खतरनाक प्रवत्ति के लोग इस खबर का इस प्रकार दुष्प्रचार कर रहे हैं कि covishield लेने वाले हर व्यक्ति की मृत्यु हार्ट अटैक से हो रही है. कांग्रेसी, आपिये, चमचे, वामिये तो इसको मोदी सरकार से जोड़ कर राजनैतिक लाभ लेने मे लगे हैं।
कॉमन सेंस की बात है..
अगर vaccine खराब है: इसको लेने से लोग की मृत्यु हो रही हैं तो अब तक तो आधी दुनिया हार्ट अटैक से जा चुकी होती
250 करोड़ डोज से ज्यादा डोज तो अकेले भारत मे भी लगे हैं कितने करोड़ लोग लहू का थक्का ज़मने या हार्ट अटैक से चले गये ??
साइड इफेक्ट हर दवाई का होता है, नॉर्मल बुखार जुकाम खांसी की दवाई का भी।

