मुजफ्फरनगर। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, बामनहेड़ी स्थित सेवा केंद्र पर जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भाई-बहनों ने सहभागिता कर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग का लाभ लिया।
इस अवसर पर सेवाकेंद्र की इंचार्ज ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी जयंती दीदी ने जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें पवित्रता, दिव्यता, प्रेम, सत्यता और श्रेष्ठ कर्मों की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने का पर्व नहीं, बल्कि अपने जीवन में दिव्य गुणों को धारण करने और आत्मिक जागृति का संदेश देने वाला पर्व है। वर्तमान समय में मनुष्य को बाहरी परिस्थितियों के साथ-साथ अपने मन को भी सकारात्मक और शक्तिशाली बनाने की आवश्यकता है। राजयोग के अभ्यास द्वारा मन को शांत, एकाग्र एवं शक्तिशाली बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की सुंदर झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आध्यात्मिक गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और उनके जीवन संदेश को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता, उमंग और आनंद से सराबोर रहा।vकार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सरला, शालिनी,गीता,अंजू,मंजू,आदि उपस्थित रहे।


