🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 22 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास – वैशाख*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – षष्ठी रात्रि 10:49 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – आर्द्रा रात्रि 10:13 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग – अतिगण्ड सुबह 09:08 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:37 से दोपहर 02:13 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:15*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:59*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷
➡️ *23 अप्रैल 2026 गुरुवार को रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक गुरुपुष्यामृत योग है।*
🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |*
🙏🏻 *-लोककल्याण सेतु – जून २०१४ से*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *धन और स्वास्थ्य की कमी दूर करने के लिए* 🌷
🙏🏻 *जिन लोगों के घर में धन और स्वास्थ्य सम्बन्धी कमी का एहसास नित्य होता है, पैसों की भी कमी रहती है और स्वास्थ्य में भी कभी कोई बीमार तो कभी कोई बीमार रहता हो उनके लिए पद्म पुराण में बताया है- वैशाख मास का एक प्रयोग | वैशाख मास की बहुत महिमा बताई है | वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को पद्म पुराण में उसको शर्करा सप्तमी कहा गया है और वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि इस बार 23 अप्रैल 2026 गुरूवार को है। इस दिन पानी में सफ़ेद तिल मिलाकर भगवन्नाम सुमिरन करते हुए स्नान करें | फिर सूर्य भगवान की ओर मुख करके सूर्यदेव और माँ गायत्री को प्रणाम करें | सूर्य भगवान को इन मंत्रों से प्रणाम करें-*
🌷 *ॐ नम: सवित्रे | ॐ नम: सवित्रे | ॐ नम: सवित्रे |*
*विश्व देव मयो यस्मात वेदवादी ति पठ्यसे |*
*त्वमेवा मृतसर्वस्व मत: पाहि सनातन ||*
🌞 *ये मंत्र बोलकर सूर्यनारायण को व अन्य देवों को मन ही मन प्रणाम करें | अर्घ्य तो देते ही हैं | सूर्य भगवान को जो अर्घ्य ना दें वो आदमी हिंदू कहलाने के लायक नहीं है |*
➡ *ये कर लिया फिर दूसरे दिन को हो सके तो अपने हाथों से दूध चावल की खीर बनाकर उसमें थोड़ा घी डालकर.. थोड़ा-सा भले ज्यादा ना डाल सके एक चम्मच डाल दें और किसी को .. १-२ व्यक्तियों को खिला दें | कोई ब्राह्मण हो, कोई साधू-महात्मा हो | खीर के साथ थोड़ा रोटी सब्जी दे दें किसी १ व्यक्ति को भी ।*
🙏🏻 *अगर ब्राह्मण न मिले, कोई साधू ना मिले तो छोटी बच्चियों को खिला दें | कन्या को खिला दो तो भी अच्छा है | ऐसा करने से ऐश्वर्य और आरोग्य दोनों की वृद्धि होती है |*
🙏🏻 *वैशाख शुक्ल सप्तमी को ही सुख और आरोग्य की वृद्धि के लिए पद्म पुराण में इस सप्तमी को ‘कमल सप्तमी’ भी कहा गया है | हो सके तो उस दिन १ कमल का फूल मिल जाये तो लोटे में जल भरा और कमल का पुष्प लोटे में डाल दिया और सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया | कमल ना मिले तो कमल की जगह अक्षत भी डाल सकते हैं | कुम – कुम वाले अक्षत कर लिए और लोटे में डाल दिए क्योंकि वैदिक कर्मकांड में जो भी वस्तु उपलब्ध ना हो उस स्थान पर अक्षत लेने का विधान है | ये अपने देश के ग्रंथो की बड़ी दया है हम पर | ग्रंथो के रचयिता भगवान वेदव्यासजी की भी बड़ी कृपा है हम पर | इस तीर्थ धाम में हम भगवान वेदव्यासजी को भी बार-बार प्रणाम करते हैं | तो कमल ना मिला तो चावल तोष सबके घर में होते ही है | कुम -कुम वाले चावल लोटे में डाल दिए और सूर्य भगवान को जल देते समय ये मंत्र बोलेंगे, साथ में सब बोलना -*
🌷 *नमस्ते पद्म हस्ताय नमस्ते विश्व धारणे ||*
*दिवाकर नमस्तुभ्यम प्रभाकर नमोस्तुते ||*
➡ *वैशाख शुक्ल सप्तमी का खूब-खूब फायदा उठाइये और उस दिन जप भी खूब करिये गुरु मंत्र का |*
🙏🏻 *भविष्योत्तर पुराण में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को ‘निम्ब सप्तमी’ भी कहते हैं | उस दिन सूर्य देव को प्रणाम करके नीम् के पत्ते भी खाएं तो रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है | जिनके शरीर में बीमारियाँ रहती हो पेट की, सिर दर्द की कोई भी तकलीफ रहती हो और वो कमबख्त मिट नहीं रही है, बड़ा परेशान कर रही है वो तकलीफ तो आप नीम के पत्ते वैशाख शुक्ल सप्तमी को सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर प्रणाम करके फिर ये मंत्र बोलते हुए नीम के पत्ते खाएं । ये मंत्र बोलकर नीम के पत्ते खाने से आरोग्य की प्राप्ति हो सकती है हम दृढता से करें -*
👉🏻 *आजकल लोग अंग्रेजी बडबड करते हैं पर देव भाषा संस्कृत है | वो घर में बोली जानी चाहिए थी पर अब संस्कृत में आप और हम नहीं बोल सकते तो कम से कम ये संस्कृत के वैदिक-पौराणिक मंत्र बोलते हुए ये नियम करें तो घर में भी सुख-शांति बढती है |*
🌷 *निम्ब पल्लव भद्रनते सुभद्रं तेस्तुवई सदा |*
*ममापि कुरु भद्रं वै त्राशनाद रोगा: भव ||*
🌿 *ये बोलकर नीम के पत्ते खा लेना | कोमल-कोमल धो कर खाना और उस दिन हो सके तो रात को पलंग पर नहीं धरती पर बिस्तर बिछाकर कम्बल आदि बिछाकर उस पर आराम करना| जिनको कोई भी रोग है वो यह करें |*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Ayodhya 18th April’ 2012*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
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दैनिक राशिफल
मेष- आपके पूंजीगत निवेशों से भी लाभ होगा। पारिवारिक उत्तरदायित्व अधिक रहेंगे। पदोन्नति मिलने का योग है। आमदनी में वृद्घि होगी। यात्रा में सावधानी बरतें। क्षमता से अधिक कार्य करने से मर्ज बिगड़ सकता है। मनचाहा स्थानान्तरण मिल सकता है। अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहें। शुभांक-2-5-6
वृष- संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे। बौद्घिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मन: स्थिति से अधिक प्रभावित रहेगा। शुभांक-3-4-7
मिथुन- पुरूषार्थ और कर्म बल पर आपको सफलता मिलेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में आप वर्तमान क्षमता को बढ़ाएंगे। उपक्रम का विस्तार करने का प्रयास सफल होगा। आप अच्छी सफलताएं प्राप्त करेंगे। बुद्घि कौशल से चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक समय उपलब्धिकारक रहेगा। शुभांक-4-5-6
कर्क- मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष से सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में स्थिति सामान्य ही रहेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। पुरुषार्थ का सहारा लें। शुभांक -4-6-8
सिंह- निकटस्त व्यक्ति का सहयोग काम को गति दिला देगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में बाधा को दूर करेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। आनन्ददायक वातावरण बनेगा। शुभांक-3-5-6
कन्या- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कल का परिश्रम आज लाभ देगा। शुभांक-5-7-8
तुला- ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभांक-1-5-8
वृश्चिक- विवादों व मुकदमेबाजी से राहत मिलेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंग। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-5-7-9
धनु- अवरुद्घ कार्य सम्पन्न होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेेगा। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग मिलेगा। स्वयं को अधिक सक्रिय पाएंगे। शुभांक-3-5-7
मकर- ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। धार्मिक यात्रा का योग है। शुभांक-2-5-8
कुम्भ- हरि करे सो खरी, अत: हानि का कोई भय नहीं, यथावत कार्य जारी रखें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। शुभांक-3-4-6
मीन- मुंह मांगी मुराद मिलेगी यानि इच्छित फल की प्राप्ति होगी। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंग। धार्मिक कार्य में समय व धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। शुभांक-2-4-7