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बिजनौर लोकसभा सीट : चंदन चौहान को विरोधी वोट बंटने का लाभ

बिजनौर। बिजनौर लोकसभा से भाजपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी चन्दन चौहान का इस बार बसपा और सपा प्रत्याशियों के साथ मुकाबला है। वोटर के विभाजन से चंदन चौहान को लाभ मिलने की संभावना है। चंदन चौहान के पास राजनीतिक विरासत का आधार है। उनके दादा चौधरी नारायण सिंह आपातकाल के बाद 1977 में मुख्यमंत्री बाबू बनारसीदास की सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके बाद नारायण सिंह के बेटे संजय चौहान अपने पिता की सीट से ही विधायक बने। बाद में वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में बिजनौर सीट पर भाजपा-रालोद गठबंधन के टिकट पर चुनाव में संजय चौहान को 244,587 वोट मिले और विजेता रहे। दूसरे नंबर पर रहे बसपा से शाहिद सिद्दकी को 216,157 वोट ही मिले थे। इस बार भी बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा-रालोद का गठबंधन है। इस बार संजय चौहान के बेटे चंदन चौहान के सामने दादा की प्रतिष्ठा और पिता की विरासत को आगे बढ़ाने में पुराने जनाधार के साथ भाजपा रालोद गठबंधन का लाभ मिल रहा है। उधर बसपा प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह के सामने राजनीति में अपनी साख बनाने की चुनौती है। समाजवादी ने बिजनौर से सपा ने यशवीर सिंह धोबी को लोकसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दलित मुस्लिम समीकरण का दांव चला है। बसपा के बिजेंद्र सिंह जाट मुस्लिम और दलित कार्ड पर भरोसा किए हैं। ऐसे में इस वोट के बंटने की स्थिति में सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है।पिछले लोकसभा चुनाव में, यानी लोकसभा चुनाव 2019 में इस सीट पर कुल 1664125 मतदाता थे। उस चुनाव में बीएसपी प्रत्याशी मलूक नागर को जीत हासिल हुई थी, और उन्हें 561045 वोट हासिल हुए थे। इस चुनाव में मलूक नागर को लोकसभा सीट में मौजूद कुल मतदाताओं में से 33.71 प्रतिशत का समर्थन प्राप्त हुआ था, जबकि इस सीट पर डाले गए वोटों में से 50.91 प्रतिशत उन्हें दिए गए थे। लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 491104 वोट मिले थे, जो संसदीय सीट के कुल मतदाताओं में से 29.51 प्रतिशत का समर्थन था, और उन्हें कुल डाले गए वोटों में से 44.57 प्रतिशत वोट मिले थे। इस सीट पर आम चुनाव 2019 में जीत का अंतर 69941 रहा था.

इससे पहले, बिजनौर लोकसभा सीट पर वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव के दौरान 1562081 मतदाता दर्ज थे। उस चुनाव में BJP पार्टी के प्रत्याशी कुंवर भारतेंद्र ने कुल 486913 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्हें लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 31.17 प्रतिशत ने समर्थन दिया था, और उन्हें उस चुनाव में डाले गए वोटों में से 45.92 प्रतिशत वोट मिले थे। उधर, दूसरे स्थान पर रहे थे SP पार्टी के उम्मीदवार शाहनवाज राणा, जिन्हें 281139 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, जो लोकसभा सीट के कुल वोटरों का 18 प्रतिशत था और कुल वोटों का 26.51 प्रतिशत रहा था। लोकसभा चुनाव 2014 में इस संसदीय सीट पर जीत का अंतर 205774 रहा था। बिजनौर संसदीय सीट पर वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान 1287070 मतदाता मौजूद थे, जिनमें से रालोद उम्मीदवार संजयसिंह चौहान ने 244587 वोट पाकर जीत हासिल की थी। संजयसिंह चौहान को लोकसभा क्षेत्र के कुल मतदाताओं में से 19 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल हुआ था, जबकि चुनाव में डाले गए वोटों में से 34.57 प्रतिशत वोट उन्हें मिले थे। उस चुनाव में दूसरे स्थान पर बीएसपी पार्टी के उम्मीदवार शाहिद सिद्दीकी रहे थे, जिन्हें 216157 मतदाताओं का साथ मिल सका था। जीत का अंतर 28430 रहा था।

Taja Report
Author: Taja Report

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