Access denied बिजनौर में प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकडे गए मुजफ्फरनगर के सीएमओ सुनील तेवतिया - Taja Report

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बिजनौर में प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकडे गए मुजफ्फरनगर के सीएमओ सुनील तेवतिया

बिजनौर। बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय बड़ी हलचल मच गई जब राज्य महिला आयोग की टीम ने एक आवास पर अचानक छापा मार दिया। इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग के भीतर चल रही अनियमितताओं की पोल खोल दी, क्योंकि यहां कथित रूप से मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया निजी क्लिनिक संचालित करते हुए पकड़े गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान उन्होंने खुद को बचाने के लिए टॉयलेट में छिपने की कोशिश की।राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार की दोपहर चांदपुर स्थित जनजीवन नर्सिंग होम पर छापा मारा। शिकायत थी कि यहां मुजफ्फरनगर के सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया साप्ताहिक छुट्टी के दिन आकर अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे थे।

जैसे ही टीम करीब सवा बजे नर्सिंग होम में दाखिल हुई, डॉ. तेवतिया अपने चेंबर में बैठे मिले। चेंबर के बाहर उनका नाम का बोर्ड भी लगा था। टीम को देखते ही वे अचानक उठकर अटैच्ड टॉयलेट में चले गए और अंदर से कुंडी बंद कर ली। पुलिस ने लगातार दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। करीब पांच मिनट तक इंतजार के बाद जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ने की चेतावनी दी, तब जाकर डॉ. तेवतिया बाहर निकले और घबराहट में माथे का पसीना पोंछते दिखाई दिए।टीम के चेंबर में प्रवेश करने के बाद लगभग 15 मिनट तक संगीता जैन और डॉ. तेवतिया के बीच तीखी बहस होती रही। जैन ने आरोप लगाया किकृ कि पहले भी आपको चेतावनी दी थी कि दूसरे जिले में आकर अवैध क्लिनिक न चलाएं। फिर भी यहां मरीजों से 300 रुपये परामर्श शुल्क लेकर उपचार किया जा रहा है। टीम ने मौके से परामर्श शुल्क की पर्चियां भी बरामद कीं, जिन्हें महिला आयोग की सदस्य ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य बताया। आरोपों पर सफाई देते हुए डॉ. तेवतिया ने कहा कि वे रविवार को छुट्टी पर थे और केवल अपनी पत्नी से मिलने आवास पर आए थे। उनकी पत्नी ने भी टीम के सामने यही बात दोहराई। चांदपुर थाना प्रभारी अमित कुमार ने सवाल उठायाकृकि अगर कुछ गलत नहीं था, तो टीम को देखते ही टॉयलेट में क्यों छिपे? इस पर सीएमओ का जवाब था कि उन्हें टॉयलेट जाना था और यह छिपने जैसा मामला नहीं है। संगीता जैन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. तेवतिया का एक स्थानीय पैथोलॉजी से टाई-अप है, जहां मरीजों को भेजकर अतिरिक्त कमाई की जाती है। उनके अनुसार हर रविवार बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं और दवाएं भी नर्सिंग होम से ही दी जाती हैं। गौरतलब है कि डॉ. सुनील तेवतिया अस्थि रोग विशेषज्ञ हैं और सप्ताह में एक दिन मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में ओपीडी भी करते हैं।महिला आयोग सदस्य ने कहा कि वे पूरे प्रकरण की शिकायत उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और बिजनौर के ब्डव् को भेजेंगी। उनका कहना है किकृइतने उच्च पद पर बैठे अधिकारी का दूसरे जिले में अवैध क्लिनिक चलाते पाया जाना बेहद गंभीर मामला है। घटना पर सीएमओ डॉ. तेवतिया का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बता दें कि सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया का बिजनौर के चांदपुर में आवास है और वो प्रत्येक सप्ताह या अवकाश के दिन वहां जाते हैं, पूर्व में उनको वहां पर क्लिनिक चलाते हुए पकड़े जाने का दावा किया गया था, लेकिन तब कोई फोटो या वीडियो वायरल नहीं हुआ था। इस बार पकड़े जाने पर उनके फोटो भी वायरल हो रहे हैं और वीडियो में वो टीम को देखकर उठकर टॉयलेट में घुसते नजर आते हैं तो पुलिस कर्मी उनको धकियाते हुए बाहर लाते भी दिखाई दे रहे हैं।

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Author: Taja Report

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