मुजफ्फरनगर। फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की हेराफेरी कर धन्नासेठ बने लोगों पर गाज गिर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से सोमवार सुबह मुजफ्फरनगर में हड़कंप मच गया। कांवड के स्टीकर लगी कारों में ईडी की टीम पहुंची और कयी फर्मों को घेर लिया। ईडी की अलग-अलगमुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
टीमों ने मुज़फ्फरनगर जनपद में एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि टीमों ने रालोद नेता एवं पूर्व विधायक शाहनवाज राना व नूर सलीम उर्फ पप्पू राणा के मेरठ रोड स्थित राणा हाउस, आशीर्वाद स्टील, पूर्व चेयरमेन अनिल तायल के नई मंडी और द्वारकापुरी स्थित आवास तथा पारस जैन टीएमटी सरिया मिल के मालिक संजय जैन के आवास पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी सोमवार तड़के करीब पांच बजे दर्जनों वाहनों में सवार होकर अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचे। टीमों के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी मौजूद रहे। अचानक हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही शहर के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारियों में खलबली मच गई। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने और उसे आगे पास करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी आईटीसी बनाने और उसे आगे पास करने का आरोप है।
कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिये बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल करने और 10.28 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे पास करने की बात सामने आई है।


