प्रयागराज । महाकुंभ में पहली भगदड़ संगम नोज़ पर हुई थी जिसकी तस्वीरें तो आप सबने देखी लेकिन झूंसी के सेक्टर 21 में हुई भगदड़ पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली.झूंसी में रात तीन बजे इतनी भीड़ इकट्ठा हो गई. जिसके बाद हालात खराब हो गए और भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए.चश्मदीदों का आरोप है कि जब भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मौके पर सिर्फ एक ही पुलिसकर्मी मौजूद था. ऐसे में हालात और ख़राब होते चले गए.झूंसी के अलावा तीसरी घटना फाफामऊ
में बनाए गए पांटून पुल पर हुई, इस पुल पर इतनी भीड़ इकट्ठा हो गई थी कि पांटून पुल के एक हिस्से को भी नुक़सान हो गया.भीड़ में बदहवास लोगों की तस्वीरें देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस वक्त क्या हालात रहे होंगे.आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने इस घटना को छुपाने की कोशिश की. लोगों के सामान को ट्रैक्टर और जेसीबी के जरिये हटाया गया ताकि सबूत छुपाए जा सकें.चश्मदीदों के मुताबिक लोग पानी तक के लिए तरस गए थे. गंगाजल देकर उन्हें किसी तरह बचाने की कोशिश की गई. लेकिन प्रशासन की तरफ से वहां कोई नहीं था.