राजेश ठकराल
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक व मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। उन्होंने कमिश्नर को ज्ञापन दिया। इकरा हसन भी सहारनपुर पहुंच गई हैं।
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण प्रकरण को लेकर हरेंद्र मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी लेने, मौके की स्थिति देखने और संबंधित अधिकारियों एवं लोगों से बातचीत करने के लिए सहारनपुर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रकरण से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के बाद इस संबंध में आगे अपनी बात रखेंगे।
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इस बीच रविवार सुबह बड़े अस्पताल पुल पर विवादित पोस्टर लगाए गए थे। पोस्टर पर लिखा था, ‘ना भूले थे, ना भूले हैं, ना भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा।’ पोस्टर के निचले हिस्से में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी। पोस्टर लगते ही पुलिस ने इन्हें हटवा दिया। अब पोस्टर लगाने वाले की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्य खंगाल रही है। पोस्टर किसने लगाए इसका पता लगाया जा रहा है।
इस बीच सहारनपुर कलेक्ट्रेट पहुंची ASI की टीम ने कुएं की जांच शुरू कर दी है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद का मलबा हटाने के दौरान मिले करीब 20 फीट गहरे कुएं की जांच के लिए आज पुरातत्व विभाग यानी ASI की टीम मौके पर पहुंची है। ASI की टीम कुएं की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही है और इसके इतिहास व प्राचीनता से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे मिले इस कुएं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब ASI की जांच के बाद ही कुएं की वास्तविक स्थिति और इतिहास को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

