मुजफ्फरनगर। शहर के कई प्रमुख मोहल्लों में पिछले चार महीनों से जारी दूषित जलापूर्ति और चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। खालापार, कृष्णापुरी, किदवई नगर और रामपुरी सहित कई इलाकों के नागरिकों ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को एक तीखा ज्ञापन सौंपकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ईओ कार्यालय का घेराव कर बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे ज्ञापन में नागरिकों ने आरोप लगाया कि पिछले करीब चार महीनों से इन मोहल्लों में अत्यंत गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है, जो पीने योग्य बिल्कुल नहीं है। मजबूरी में लोग इसी दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन इलाकों में पहले से ही कैंसर, दमा और सांस की बीमारियों से पीड़ित कई मरीज हैं। ऐसे में इस गंदे पानी के सेवन से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है दूषित पानी के साथ-साथ इन मोहल्लों में साफ-सफाई की स्थिति भी बदतर हो चुकी है। नालियां कूड़े-कचरे से पटी पड़ी हैं, जिससे उठने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, नगर पालिका द्वारा न तो नियमित सफाई की जा रही है और न ही मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव हो रहा है। इसके चलते क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया फैलने का डर बना हुआ है।
क्षेत्र की जागरूक नागरिक सोनिया सैनी, शहरोज, किरण सैनी और अन्य मोहल्लावासियों के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मुख्य रूप मांगें उठाई गई हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत शुद्ध और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल हो वह दूषित पानी की सरकारी जांच कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ओर जर्जर हो चुकीं पाइपलाइनों को तत्काल बदला या ठीक किया जाए,मोहल्लों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर नालियों से सिल्ट उठाई जाए वह मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए युद्धस्तर पर फॉगिंग और दवाई का छिड़काव हो साथ ही लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
सोनिया सैनी ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। अगर एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो समस्त क्षेत्रवासी नगर पालिका ईओ कार्यालय का घेराव करने और जन आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


