शाहपुर के दशहरा मेले में ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी, पिछले सभी रिकॉर्ड टूटा, सुरक्षा के कडे इंतजाम 
शाहपुर में ऐतिहासिक आयोजन के लिए कमेटी बधाई की पात्र -डा प्रदीप चौहान 
शाम 5 बजकर 32 मिनट पर धू धू कर जला अहंकारी रावण
शाहपुर । शाहपुर में इस बार दशहरे के मेले में उमड़ी भीड़ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले । वर्ष 2013 के बाद पिछले 13 वर्षों का यह सबसे ऐतिहासिक मेला रहा। हजारों क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण के पुतले को आग के हवाले कर निश्चर हीन करूं महि धरती के अपने संकल्प को पूरा किया। अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व विजयदशमी परंपरागत ढंग से मनाया गया। दशहरे के मेले में शाम 5 बजकर 32 मिनट पर पूर्व विधायक उमेश मलिक ने रावण के भीमकाय पुतले को आग के हवाले किया, तो समस्त वातावरण जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर अपने संबोधन में उमेश मलिक ने श्री आदर्श रामलीला कमेटी को भव्य आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि आज का दशहरा मेला जनपद ही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश का सबसे विशाल मेला है। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डा प्रदीप सिंह चौहान ने अपने संबोधन में शाहपुर की रामलीला कमेटी की ऐतिहासिक आयोजन के लिए मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष हाजी अकरम कुरैशी , पूर्व चेयरमैन परमेश सैनी मैं भी अपने विचार व्यक्त किए।श्री रामलीला मैदान में आयोजित दशहरे मेले में अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया। मेले में इस बार सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस क्षेत्र अधिकारी बुढ़ाना के साथ साथ थाना प्रभारी कई थानों के पुलिस एवं पीएसी बल के साथ मेला स्थल पर मौजूद रहे। भगवान राम एवं रावण की सेनाओं के बीच महासंग्राम देख हजारों दर्शकगण रोमांचित हो गए, वहीं जब भगवान राम एवं रावण की सवारी नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी तो समस्त वातावरण करतल ध्वनियों से गूंज उठा।
विजयदशमी पर शाहपुर में सुबह से ही सनातन धर्मावलंबियों ने अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई कर एवं अस्त्र शस्त्रों तथा बहीखाता के साथ पायता पूजा, लेकिन प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी मुख्य आकर्षण नगर का रामलीला मैदान ही रहा । यहां आयोजित मेले में सुबह से ही सैंकड़ों की तादाद में लगी दुकानों पर बच्चों ने धनुष बाण तलवार गदा व मुखौटे एवं खेल खिलौने की खरीदारी की दशहरे के पारम्परिक व्यंजन जलेबी सहित अन्य खाद्य सामग्री पर भी भारी भीड़ उमड़ी दोपहर होते-होते मेला मैदान खचाखच भर गया था। दोपहर के समय सबसे पहले लंकापति राजा रावण की सवारी नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची।इसके बाद भगवान राम लक्ष्मण एवं हनुमान वानर सेना सहित बैंड बाजों के साथ नगर भ्रमण के बाद मेला मैदान स्थित मंच पर पहुंचे | यहां पाताल लोक के राजा अहिरावण के वध की लीला का मंचन किया गया वृन्दावन धाम के कलाकारों ने संदीप तिवारी के नेतृत्व में अपने अभिनय से क्षेत्र भर से आये हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद भगवान राम ने लंका पति रावण की सेनाओं के बीच घोर संग्राम हुआ । इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए श्री आदर्श रामलीला कमेटी के संरक्षक श्याम पाल संगल भाई जी ने कहा कि लड़ते-लड़ते जब चूर हुई, तब बोल उठी वानर सेना रघुकुल के तिलक दुहाई है, यह बोल उठी वानर सेना । रावण को परास्त करने के दौरान भगवान राम उसका एक शीश काटते हैं, तो दूसरा उग आता है। प्रभु राम के शरणागत हुआ रावण का भाई विभीषण काफी छिपाने के बाद भी अपने भाई का ऐसा राज खोल देता है, जिससे उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो जाती है। विभीषण भगवान राम को बताता है कि रावण की नाभि में अमृत है, जब तक इसे सौखा नहीं जाएगा । तब उसे कोई नहीं मार सकता। तब भगवान राम रावण की नाभि में अग्निबाण छोड़ते हैं, जिससे उसके प्राण पखेरू उड़ जाते हैं शाम 5:32 बजे लंकापति रावण के भीमकाय पुतले को भाजपा विधायक उमेश मलिक ने आग के हवाले करते हुए पुतला दहन के दौरान हुई आतिशबाजी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। रावण दहन के बाद ग्रामीणों में पुतले की अस्थियां उठाने की होड़ मच गई। हालांकि पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण ऐसा नहीं हो पाया। मान्यता है कि रावण के अवशेष घर में रखने से आसुरी शक्तियों का भय नहीं सताता । पहली बार दशहरे मेले में बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी ड्रोन कैमरे एवं वीडियोग्राफी के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी।
दशहरा मेला में सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस एवं पीएसी बल मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह कस्बा पुलिस चौकी प्रभारी राहुल कुमार के नेतृत्व में सभी हल्का इंचार्ज दरोगा आसपास के थानों का पुलिसबल निरंतर मेले में गस्त करता रहा, जिस कारण कोई भी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। पहली बार आसपास के मकानों की छत पर भी सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे। । श्री आदर्श रामलीला कमेटी के संरक्षक श्याम पाल संगल भाई जी एवं अध्यक्ष सुनील मित्तल ,मणिकांत मित्तल तथा अन्य पदाधिकारियों ने आगंतुक अतिथियों का पटका पहनाकर एवं बैज लगाकर सम्मान किया तथा पुलिस एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया। पूर्व विधायक उमेश मलिक,
नगर पंचायत अध्यक्ष हाजी अकरम कुरैशी , पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष परमेश सैनी, भाजपा नेता उमेश मित्तल, प्रमुख समाजसेवी अरविंद पाल एवं व थाना प्रभारी तथा कस्बा चौकी इंचार्ज को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया उमेश मलिक ने कलाकार मंडली के मालिक वृन्दावन धाम से पधारे संस्थापक संदीप तिवारी को सम्मानित किया नगर पंचायत द्वारा बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए चेयरमैन हाजी अकरम कुरैशी सहित सफाई नायक राजीव मेहरा, सचिन वाल्मीकि,एवं सभी कर्मचारियों को भी बधाई दी गई। समाजसेवी चौधरी चंद्रवीर सिंह , सभासद वकीला बेगम पूर्व सभासद उमेश गोयल, हरिओम पुंडीर, अतुल सिंघल बंटी,
शान मौहम्मद आतिशबाजी वाले मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में श्री आदर्श रामलीला कमेटी के मुख्य संरक्षक श्याम पाल भाई जी, अध्यक्ष सुनील मित्तल, स्टेज मंत्री मणिकांत मित्तल, ब्रज मोहन कोरी, प्रबंधक बालेश सिंघल, विनय नामदेव, राहुल सैनी, राधेश्याम नामदेव, अनिल बंसल आढती , भंवर पाल कश्यप, परवेश गोयल, मनोज अग्रवाल, अरुण मित्तल, सचिन संगल,बबलू नामदेव, पवन सक्सेना, मोहित बंसल, अंकित सिंघल,मोहित गिरी, बसंत प्रजापति, अनमोल सिंघल, नोनी गोयल अक्षय अग्रवाल, रचित अग्रवाल, मुन्ना कुरैशी, अजय बंसल, हनु सिंघल, देव गोयल, यजु शास्त्री,कुंज मित्तल आदि का सहयोग रहा। इस बार दशहरे के मेले में उमड़ी भीड़ ने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। विश्लेषक मेले में आई हजारों की भीड़ को लेकर समीकरण जोड़ते देखे गए। पूर्व विधायक उमेश मलिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि शाहपुर का दशहरा मेला वास्तव में जनपद ही नहीं, बल्कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपना विशेष स्थान रखता है। सबसे बड़ी बात यह रही कि इतने भारी भीड़ एवं बड़े आयोजन के बावजूद कमेटी एवं प्रशासन के सहयोग से पूरे मेला पंडाल में कहीं पत्ता तक नहीं हिला । मेला मैदान में सुरक्षा की दृष्टि से विशाल मचान बनाई गई थी जिस पर पूरे मेले की वीडियोग्राफी करते हुए पुलिसकर्मी की तैनाती की गई थी। तथा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। दशहरे के बाद भगवान राम लक्ष्मण की विजय यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होकर गुजरी।


