कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस के दिन राहुकाल 29 अक्टूबर दोपहर 2:51 मिनट से लेकर 4:15 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, गुलिक काल दोपहर 12:05 मिनट से 01:28 मिनट तक है। धनतेरस के दिन भूलकर गुलिक और राहुकाल के दौरान खरीदारी न करें। अगर आप इस दौरान खरीदारी करते हैं, तो इसका बुरा परिणाम जीवन पर पड़ सकता है।
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, आभूषण और झाड़ू आदि की खरीदारी की जाती है। इसके अलावा, तांबे और कांसे के बर्तन भी इस दिन खरीदे जाते हैं। अगर आप भी धनतेरस के दिन खरीदारी करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आप जरूर इस दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त जानना चाहते होंगे। लेकिन अगर आप अशुभ समय या राहुकाल में खरीदारी करते हैं, तो इससे गलस असर पड़ सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 मिनट से शुरू होगी और 30 अक्टूबर को दोपहर 1:15 मिनट पर खत्म हो जाएगी। ऐसे में धनतेरस 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन प्रदोष काल शाम 5:38 मिनट से लेकर 08:13 मिनट तक है। इस दौरान मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जा सकती है।
धनतेरस के दिन वृषभ काल शाम 6:31 मिनट से 8:27 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल के समय में मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में धन की कमी नहीं होती है। धनतेरस के दिन खरीदारी करने का सबसे शुभ मुहूर्त 29 अक्टूबर को दोपहर 4:20 बजे से लेकर शाम के 6:15 बजे तक है।

