मुजफ्फरनगर । दो दलित बहनों के अपहरण व एक के साथ बलात्कार के मामले में आरोपी जावेद को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया है।
गत 20 जनवरी 2018 को कस्बा व थाना कैराना जिला शामली में दो दलित बहनो 17 व 15 वर्ष को बहला-फुसलाकर अपहरण कर एक के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपी जावेद को सबूत के अभाव मे बरी करदिया है। मामले की सुनवाई विशेष अदालत पॉस्को मुजफ्फरनगर की पीठासीन अधिकारी अल्का भारती की कोर्ट में हुई बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ट अधिवक्ता ठाकुर अग्रिश कुमार ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष की कहानी के अनुसार कस्बा कैराना के एक मोहल्ले में गत 20 जनवरी 2018 को जब घर में दोनों बहनें अकेली थी तो आरोपी जावेद दोनों को बहला-फुसलाकर कर ले गया और एक 17 वर्ष की बालिका से बलात्कार किया पुलिस ने परिजन की शिकायत पर मामला धारा 363, 366, 376 अई पी सी, दलित ऐक्ट व पॉस्को ऐक्ट मे मामला दर्ज कर कार्यवाही की सुनवाई के दोरान पीड़िता का विवाह हो गया था और उसने अपने बयानों में बलात्कार से इंकार कर दिया और अभियोजन की कहानी का समर्थन नहीं किया। एम रहमान


