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दीपक में यह बाती जलाएंगे तो प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी

त्यौहारों में कोई भी पूजा बिना दीया लगाए पूरी नहीं होती है. भगवान के समक्ष घी या तेल का दीया जरूर लगाया जाता है. जिसमें अमूमन रुई की बाती का इस्तेमाल किया जाता है, जो आप बाजार से लेकर आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपको बाजार की केमिकल से बनी हुई बाती और घी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें केमिकल रंगों का इस्तेमाल किया जाता है और इसे सात्विक तरीके से बनाया भी नहीं जाता है. दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के दौरान आपको कैसी बाती का इस्तेमाल करना चाहिए यह जानते हैं. 

कलावे की बाती का करें इस्तेमाल: इसके अलावा अगर आप रुई की बाती की जगह भगवान भोलेनाथ की पूजा में दूसरी बाती का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आप हाथ में बांधने वाले कलावे के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और इसे भी बाती के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. एक मिट्टी या पीतल का दीया लें, इसमें कलावे की बाती लगाएं, ऊपर से घी डालें या सरसों के तेल का इस्तेमाल करें और भगवान के समक्ष इस दीए को रखें. .

कलावे की बत्ती से दीपक जलाने से कई फ़ायदे होते हैं:

1. कलावे की बत्ती से दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

2. इससे घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य आता है.

3. अगर बत्ती खत्म हो जाए, तो कलावे को काटकर उसकी बत्ती बनाकर दीपक जलाना शुभ माना जाता है.

4. इससे पूजा भी संपूर्ण मानी जाती है.

दीपक जलाने से जुड़ी कुछ और बातें:

1. गोल बाती को फूल बाती भी कहा जाता है. शास्त्रों के मुताबिक, ब्रह्मा जी, इंद्रदेव, शिव जी, विष्णु जी जैसे देवी-देवताओं के मंदिर में गोल बाती का दीपक जलाना शुभ माना जाता है.

2. लंबी बाती का दीपक भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा जी या किसी और देवता के सामने नहीं जलाना चाहिए.

3. मां लक्ष्मी, दुर्गा, सरस्वती, गौरी, मां काली जैसे देवी के सामने लंबी बाती जलाना चाहिए.

4. अगर कोई व्यक्ति आर्थिक संकट से परेशान है, तो पूजा के दौरान मूंग के आटे का दीपक जलाना चाहिए.

5. मुख्य द्वार पर दीपक जलाने के लिए घी या सरसों तेल का इस्तेमाल करना चाहिए.

Taja Report
Author: Taja Report

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