मुजफ्फरनगर। जूना अखाड़े के संत स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती जी
ने कहा कि भक्ति प्रदर्शन की वस्तु नहीं है। पूजा रील बनाने के लिए नहीं एक एकांतिक है और साधना को गुप्त रखना चाहिए। जीवन में भक्ति जरूरी है और यही मोक्ष का मार्ग भी है। बस समर्पित भाव से भक्ति करे।
स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती जी ने कहा कि कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग ही त्रिवेणी है। जो कुछ हम करते हैं उसे ईश्वर को समर्पित करें। सही मार्ग दर्शन से किया कर्म ही सही लक्ष्य पहुंचाता है। वेद हमें उचित मार्गदर्शन करते हैं।दशरथ मोक्ष और भरत चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कर्म बहुत महत्वपूर्ण है। कर्म कल्याण के लिए है तो युगों तक याद किया जाता है। इसलिए अच्छा कर्म करना चाहिए। हानि, लाभ, जीवन, मरण, यश, अपयश विधि हाथ की चर्चा करते हुए स्वामी जी ने कहा कि हाल चाहे जो हो परमात्मा का आश्रय ही मार्ग दर्शन और मुक्ति प्रदान करता है। निषादराज की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि आज जाति की जो बात की जाती है वह हमारी परंपरा नहीं है। उन्होंने वन लीला और रावण मर्दन की कथा का मनोहारी चित्रण किया। उन्होंने कहा कि भक्ति का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, भक्ति में समाज निंदा करे तो विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधक के जीवन में सिद्धियां आती हैं पर शास्त्र कहते हैं कि चमत्कार से साधक को बचना चाहिए। संत सिद्धि को पकडता नहीं। जीवन का लक्ष्य मील के पत्थर नहीं। परमात्मा की प्राप्ति होता है। भगवान के भक्त से भी बैर नहीं करना चाहिए। ईश्वर भी भक्त को प्रेम करते हैं।
महाराज जी कल बुधवार को गुरु दीक्षा देंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई उपहार नहीं लाना है। बस ईश्वर भक्ति का संकल्प चाहिए।उन्होंने कहा कि हनुमान चिरंजीवी हैं उन्हें भक्ति और समर्पण से यह प्राप्त हुआ। आज भी जहां रामकथा होती है वहां हनुमान जी विराजते हैं। कथा का श्रवण कर रामायण जी की आरती करते ज़िला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, वरिष्ठ पत्रकार अरविंद भारद्वाज, सुनील जैन वशिष्ठ भारद्वाज, संजीव कुमार बॉबी, अचिन कंसल विनोद संगल, कमेटी के संरक्षक भीम सेन कंसल, अध्यक्ष संजय मित्तल, और मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया, ब्रज गोपाल छारिया, कैलाश चंद ज्ञानी, ऋषिराज राही, शरद गोयल, राजीव अग्रवाल, अभिषेक कुच्छल, संजय जिंदल काका, प्रवीण कुमार,एडवोकेट विवेक गर्ग, राजेश गोयल, उपेंद्र मित्तल, विदित गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, अनिल गोयल, सुभाष गुप्ता, नरेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता एवं उपस्थित श्रद्धालुगण |


