नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये शर्तें लगाई हैं। 1. अरविंद केजरीवाल को समर्पण कर दो जून को जेल में लौटना होगा।
2. उन्हें 50 हजार रुपये का मुचलका भरना होगा।
3. केजरीवाल आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकेंगे।
4. उन्हें अपने इस बयान का पालन करना होगा कि वे किसी भी आधिकारिक फाइल पर तब तक दस्तखत नहीं करेंगे, जब तक कि मामला उपराज्यपाल से मंजूरी हासिल करने जितना जरूरी न हो। 5. केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय में नहीं जाएंगे।
6. वे किसी भी गवाह से बात नहीं कर सकेंगे और मामले से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों को नहीं देख सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां भी कीं
1. अरविंद केजरीवाल को दी गई अंतरिम जमानत को उनके खिलाफ मामले से जुड़े गुण-दोष पर दी गई राय न माना जाए।
2. केजरीवाल के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, लेकिन वे अब तक दोषी करार नहीं दिए गए हैं।
3. उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, न ही वे समाज के लिए खतरा हैं।
4. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समग्र और उदार दृष्टिकोण उचित है।
5. केजरीवाल डेढ़ साल तक बाहर थे। उन्हें (ईडी द्वारा) पहले या बाद में गिरफ्तार किया जा सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

