शुक्रताल (मुज़फ्फरनगर) भारत विकास परिषद हस्तिनापुर विकास रत्न प्रांत का प्रांतीय पर्यावरण कार्यक्रम सृष्टि का श्रृंगार पर गोष्ठी का आयोजन शिव धाम शुक्रताल में किया गया जिसमें भारतवर्ष के अनेको प्रान्तों से वक्ता आये जिन्होंने अपने विचार रखें।
कार्यक्रम में भारत माता एवं विवेकानंद जी के चित्र के सामने द्वीप प्रज्वलन किया गया और वंदे मातरम का गान हुआI समृद्धि शाखा अध्यक्ष पंकज बंसल द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया प्रांतीय वित्त सचिव संदीप जैन द्वारा गोष्ठी का संचालन किया गयाI प्रांतीय अध्यक्ष शशिकांत मित्तल द्वारा सभी का स्वागत किया गया और उन्होंने पर्यावरण की महत्वता पर प्रकाश डाला। इस वर्ष प्रांत द्वारा किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला उन्होंने बताया की प्रांत द्वारा लगभग 4400 वृक्षों का इस वर्ष रोपण किया गया तथा वाटर हार्वेस्टिंग पर भी प्रांत द्वारा कार्य किए गए।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष एनसीआर 1 तरुण शर्मा जो हमारे बीच आगरा से पधारे थे उन्होंने अपने उद्बोधन में सभी का मन मोह लिया और बताया कि भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो की एनजीटी के चैयरमैन भी रह चुके है ,उन्होंने ही पर्यावरण पर बहुत कार्य कियाI उन्हीं की प्रेरणा से भारत विकास परिषद में पर्यावरण के कार्यक्रमों में और अधिक तेजी से कार्य करने की प्रेरणा मिलीI उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम के गीत का भी मर्म समझने की आवश्यकता है तथा वृक्ष धरती का श्रृंगार है इन्हें काटकर धरती के श्रृंगार को नष्ट न करें।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख श्री तपन कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस सृष्टि की सुरक्षा हम तब ही कर सकते हैं जब हम अपनी आदतों में सुधार करें। और आसपास सफाई रखें ऐसी वस्तुओं का उपयोग करें जो कि दोबारा भी उपयोग में लाई जा सके तथा उन्होंने जीवन जीने की कला भी बताई। जल संरक्षण के बारे में श्री तपन कुमार ने कहा कि हम जल को बना नहीं सकते केवल उसको बचा सकते है।
वक्ताओं में सर्वप्रथम अरुण खंडेलवाल ने नक्षत्र वाटिका पर अपना उद्बोधन दिया तथा बताया की नक्षत्रों का और पेड़ों का हमारे जीवन से क्या संबंध है और उसका हमारे जीवन पर क्या असर पड़ता है। प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। श्री गिरीश शुक्ला(मेरठ) ने बताया कि प्लास्टिक इस्तेमाल से हमारे जीवन पर क्या-क्या दुष्प्रभाव पड़ता है तथा वृक्षों की महत्ता के बारे में भी प्रकाश डालाI पिछले कई वर्षों से वह पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर कार्य कर रहे हैं। श्री शिशु कांत गर्ग एडवोकेट ने गौ माता को पालने के फायदे व पशु कटान से दूषित होती धरती पर प्रकाश डाला जिसमें उन्होंने जैन धर्म के लोगों को धन्यवाद व्यापित किया की वह शाकाहारी होते हैं भारतवर्ष की लगभग 30% आबादी शाकाहारी है ।
क्षेत्रीय सचिव पर्यावरण श्री आलोक भटनागर जी ने पांच पेड़ लगाने के फायदो में प्रकाश डाला तथा उन पांच पेड़ों के नाम भी बताएंI क्षेत्रीय सचिव पर्यावरण रामपुर से आए श्री जगन्नाथ चावला ने हवा में होने वाले प्रदूषण व उसके कारक व उसका मानव जीवन पर प्रभाव के बारे में जानकारी दी तथा उससे बचने के उपाय बताएं। क्षेत्रीय सचिव पर्यावरण आगरा से पधारे श्री हरि नारायण चतुर्वेदी ने पानी से होने वाले प्रदूषण व उसके बचाव व पानी संरक्षण के बारे में अपना उद्बोधन दिया। क्षेत्रीय संयुक्त सचिव श्री विनीत सिंघल ने आज के सुंदर आयोजन के लिए समृद्धि शाखा एवं प्रांत को बहुत-बहुत साधुवाद दिया तथा भविष्य में ऐसे कार्य करते रहे उसकी प्रेरणा दीI कार्यक्रम में रीजनल महासचिव ncr1 श्री अनुराग दुबलिश की गरिमामई उपस्थिति रही ।
मेरठ शास्त्री नगर शाखा, मेरठ मेंन शाखा एवं समृद्धि शाखा द्वारा पर्यावरण के ऊपर बहुत ही सुंदर नाटक प्रस्तुत किये गए जिससे सभी का मन प्रफुल्लित हो उठा। प्रांतीय वित्त सचिव संदीप जैन ने कहा कि पर्यावरण दिवस केवल भाषण देने के लिए नहीं है यह एक क्रियावली आवाहन है हम पृथ्वी को अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं पाते हम इसे अपनी आने वाली पीढ़ी से उधार लेते हैं इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम इसे दुनिया को वैसे ही छोड़े जैसा हमने इसे पाया था अंत में प्रान्त संरक्षक परम कीर्ति शरण ने सभी का धन्यवाद दिया सभी अतिथियों मुज़फ्फरनगर के प्रसिद्ध गुड़ शक्कर का वितरण किया गया।


