रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर के कपाट आज यानी कि बुधवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। बर्फीले मौसम में कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से गूंज उठा। चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच गूंजते मंत्र और श्रद्धालुओं की आस्था इस पवित्र धाम की महिमा को और भी दिव्य बना रही है। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिर परिसर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े रहे। ठंडे मौसम और कठिन पहाड़ी रास्तों के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। कई यात्री रात से ही लाइन में लगकर बाबा केदारनाथ के दर्शन का इंतजार कर रहे थे। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर के गर्भगृह में बाबा केदार की पंचमुखी स्वयंभू शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और आरती संपन्न हुई।
प्रशासन और मंदिर समिति लगातार यात्रियों की सुविधा पर ध्यान दे रहे हैं। हेलीकॉप्टर सेवा, पैदल मार्ग और घोड़ा-खच्चर सेवाओं को भी सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। केदारनाथ न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। कपाट खुलने के साथ ही पूरा केदारघाटी क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।