नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आज शाम कोई भी दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा और सबको राजधानी में ही मौजूद रहना होगा। पीएम की अध्यक्षता में आज होने वाली महा-बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और दुनिया में बन रहे युद्ध जैसे हालातों का भारत पर क्या असर पड़ेगा, इस पर बहुत गंभीर मंथन होने वाला है। इस बैठक की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने अपने सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी दिल्ली से बाहर नहीं जाएगा और सबको राजधानी में ही मौजूद रहना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में पांच देशों की अपनी बेहद सफल और महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पूरी कर भारत लौटे हैं। स्वदेश वापसी के तुरंत बाद इस तरह की हाई-लेवल मीटिंग बुलाने से साफ उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय हालातों और उसके बीच भारत की अगली बड़ी रणनीति पर मंत्रियों के साथ गहन चर्चा करेंगे। सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आ रही है कि इस बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में बड़े फेरबदल और मंत्रियों के विभागों को बदलने जैसे मुद्दों पर भी गुप्त चर्चा हो सकती है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से अभी तक इस बैठक के मुख्य एजेंडे को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में होने वाली इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य सभी राज्य मंत्रियों का शामिल होना अनिवार्य किया गया है। साल 2026 में मंत्री परिषद की यह अब तक की सबसे पहली और सबसे बड़ी बैठक मानी जा रही है। आपको याद दिला दें कि देश में संभावित ईंधन संकट की आशंकाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी पहले ही देश की जनता से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) और ‘ऑनलाइन क्लासेज’ को प्राथमिकता देने की भावुक अपील कर चुके हैं। इतना ही नहीं, खुद पीएम मोदी ने ईंधन बचाने का संदेश देने के लिए अपने काफिले में शामिल होने वाली गाड़ियों की संख्या को भी काफी कम कर दिया था।

