मुजफ्फरनगर । पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी ढाबों होटलों पर नाम की व्यवस्था पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार दुकानदारों को अपनी दुकान के बाहर नाम लिखने के लिए कहा गया है, केवल इसी बात को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के द्वारा जिस प्रकार से आपत्ति व्यक्त की गई है वह उनके घोर सांप्रदायिक चरित्र को उजागर करने के लिए पर्याप्त है। अनेकों बार सोशल मीडिया, टीवी चैनल पर प्रसारित खबरों में देखा गया कि किस प्रकार से एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा किसी भी खाने पीने की वस्तुओं में थूकते हुए, पेशाब करते हुए इस देश के लोगों ने देखा है। कावड़ यात्रा की पवित्रता को कायम रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आस्थावान कावड़ यात्री जिस दुकान से कुछ खाने पीने की वस्तु खरीद रहा है वह उसकी तीर्थ यात्रा की पवित्रता को अक्षुण रखने के प्रति कितना निष्ठा वान है, निसंदेह हिंदू कांवड़ यात्री के आहार की पवित्रता कायम रखने के लिए तीर्थ यात्रियों को यह छूट होनी चाहिए कि वह किस दुकानदार से सामान खरीदे और किस से नहीं ।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह आदेश स्वागत योग्य है और मैं मुक्त कंठ से इसकी सराहना करता हूं ।
।। जय श्री राम।।
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि मुजफ्फरनगर के लोग 2013 का दंगा झेल चुके हैं। अब इस तरह की नई शुरूआत नहीं होने देंगे। हिंदू और मुस्लिम सब मिलकर कांवड़ यात्रा निकलवाते हैं। कांवड़ के समय नई परंपरा शुरू नहीं होने देंगे। ट्रेनिंग सेंटर नहीं बनने देंगे। दंगा बाहर के लोग करके जाएंगे और मुजफ्फरनगर को झेलना पड़ेगा।

