कन्नौज। सिरफिरे प्रेमी ने प्रेमिका के बच्चे को 7 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। प्रेमिका को बुलाने की जिद पर अड़ा था।
मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी का है। काशीराम कालोनी में अर्चना अपने परिवार के साथ रहती है। उसके तीन बच्चे हैं। इनमें देव (18), प्रीती (16) और प्रांशु (8) साल का है। पति संजय की दो साल पहले मौत हो चुकी है। अर्चना प्राइवेट नौकरी करती है। नौकरी के दौरान अर्चना की मुलाकात तालग्राम थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी दीपू चक से हुई। दीपू भी प्राइवेट नौकरी करता है। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। दीपू अपना ज्यादातर समय अर्चना के घर बिताने लगा। लेकिन, अर्चना के बच्चों को दीपू पसंद नहीं था। वह मां के अफेयर का विरोध करने लगे। मामला बिगड़ता देख दीपू ने शादी करने की ठान ली। 4 महीने पहले दीपू और अर्चना ने कोर्ट मैरिज कर ली। इधर, पिछले 8 या 10 दिनों से जब दीपू उसके घर आता तो अर्चना बहाना करके कहीं चली जाती। दीपू ने उसके बारे में जानकारी करनी चाही, लेकिन कोई सही जानकारी नहीं मिल सकी। उसे शंका हुई कि महिला किसी अन्य व्यक्ति के पास रहने लगी है तो आग बबूला हो गया।
आरोपी ने अपने एक हाथ में तमंचा, दूसरे में मोबाइल और मुंह में कारतूस दबा रखा था। वह कभी तमंचे को अपने कनपटी पर सटाकर खुदकुशी करने की धमकी देता। कभी बच्चे को डराता-धमकाता। उसका कहना था, मैंने अपनी प्रेमिका से शादी कर ली है। मैं उसके ही साथ रहना चाहता हूं। आरोपी के बगल में बैठा बच्चा सहमा हुआ था। पुलिसवाले भी कमरे में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। उधर, बच्चे के परिजन घर के बाहर बिलख रहे थे। महिला पुलिसकर्मी उन्हें संभल रही थीं। करीब 7 घंटे बाद पुलिस जबरन अंदर पहुंची। बच्चे को सकुशल बाहर निकाला। विरोध करने पर युवक के पैर में गोली मारी। करीब 3 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


