मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर पुलिस के एसएसपी के आदेश के बाद कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकान के मालिकों को अपना नाम लिखना शुरू कर दिया है। हाल में हिंदू देवी देवताओं के नाम से मुस्लिमों द्वारा ढाबे चलाए जाने के विरोध के बाद एसएसपी ने आदेश दिया था कि दुकानदार को अपनी दुकान पर दुकान के मालिक का नाम लिखना होगा। आदेश में कहा गया है कि दुकान पर दुकानदार का नाम स्पष्ट लिखा होने से कोई कंफ्यूजन नहीं होगा। होटल, ढाबों, ठेलों पर भी नाम लिखे होने चाहिए। जिला पुलिस के इस फैसले पर ऐतराज जताते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि ऐसा करके मुसलमानों को कांवड़ यात्रा से दूर किया जा रहा है। उन्होंने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे हिटलर व नाजी जैसा आदेश बताते हुए इसकी आलोचना की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की। सीएम योगी सरकार की एडवाइजरी के अनुसार, एक महीने तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और धार्मिक गाने तय सीमा के भीतर बजाए जाएंगे। कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हो रही है जो 19 अगस्त तक चलेगी। यात्रा शुरू होने वाले मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा 21 जुलाई की मध्य रात्रि से दिल्ली एक्सप्रेसवे, देहरादून एक्सप्रेसवे और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। डीजीपी ने आगे कहा कि कांवड़ियों को भाला, त्रिशूल या किसी भी तरह का हथियार लेकर न चलने की सलाह दी जाती है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर डीजे बजाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा, लेकिन ध्वनि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार तय सीमा के भीतर होनी चाहिए। यात्रा मार्गों पर शराब और मांस की दुकानें भी बंद रहेंगी। स्थानीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सूअर जैसे आवारा जानवर यात्रा मार्गों पर घूमते न दिखें। कांवड़ यात्रा पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखी जाएगी।


