मुजफ्फरनगर। कांवड़ मार्ग पर ढाबा और होटल वालों को नाम लिखने के आदेश पर एआईएमआईएम के सदर असदुदीन ओवैसी द्वारा दिए गए बयान का जवाब देते हुए डीजीपी प्रशांत कुमार ने सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान समीपवर्ती राज्यों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए भारी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार से जल उठाकर मुजफ्फरनगर से होकर गुजरते हैं। इस पवित्र माह में कांवड़िये अपने खानपान में कुछ खाद्य सामग्री से परहेज करते हैं। पूर्व में ऐसे कई मामले हैं, जहां कांवड़ मार्ग पर खाद्य सामग्री बेचने वाले कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के नाम इस प्रकार से रखे गए, जिससे कांवड़ियो में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होकर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई।
इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने एवं श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले होटल, ढाबे एवं खानपान की सामग्री बेचने वाले दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वेच्छा से अपने मालिक और काम करने वालों का नाम प्रदर्शित करें। इस आदेश का मतलब है कि शय किसी प्रकार का धार्मिक विभेद ना होकर सिर्फ मुजफ्फरनगर से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आरोप प्रत्यारोप एवं कानून व्यवस्था की स्थिति को बचाना है। यह व्यवस्था पूर्व में भी प्रचलित रही है।

