गाजियाबाद । दिल्ली पुलिस ने एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। दिल्ली में एक व्यापारी के अपहरण/मर्डर में सलीम को उम्रकैद की सजा हुई थी। दिल्ली जेल से वह वर्ष 2000 में बेल पर बाहर आया और फरार हो गया था। बताया गया है कि वह 25 साल तक नाम–पहचान छिपाकर रहता रहा। पिछले दिनों गाजियाबाद में सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसके 2 आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
“मुस्लिम सलीम से सलीम वास्तिक” तक का पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार, बिंदुवार प्रस्तुत है- 20 जनवरी 1995 को दिल्ली में एक व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण हुआ। फिरौती न मिलने पर अपहृत बच्चे की हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई के बाद 1997 में दिल्ली की अदालत ने आरोपी सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई। वर्ष 2000 में सलीम पैरोल पर जेल से बाहर आया और इसके बाद फरार हो गया। फरारी के दौरान वह गाजियाबाद में आकर बस गया और पहचान छुपाकर रहने लगा। शुरुआती समय में उसने कंस्ट्रक्शन का काम किया, बाद में मौलवी के रूप में गतिविधियां शुरू कीं। करीब 7 साल पहले उसने अपना नाम बदलकर “सलीम वास्तिक” रख लिया और नई पहचान के साथ सक्रिय हो गया। “Salim Vastik 007” नाम से यूट्यूब चैनल बनाकर वह सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर वीडियो डालने लगा, जिससे उसकी पहचान बनी। हाल ही में गाजियाबाद में उस पर हुए हमले के बाद वह अचानक चर्चा में आया। इसी दौरान दिल्ली पुलिस को उसके पुराने आपराधिक मामले की जानकारी दोबारा मिली और जांच में पुष्टि हुई। पुलिस उसके स्वास्थ्य में सुधार का इंतजार कर रही थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस गाजियाबाद पहुंची और उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। अब आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी