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एआई के युग में शिक्षण के अवसर औरचुनौतिया’’ विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन

मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज मुजफ्फरनगर मे शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका विषय ’’ एआई के युग में शिक्षण के अवसर और चुनौतियाँ’’ था। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य वक्ता प्रोफेसर भावना सिंह, प्रोफेसर, फैकल्टी आफ एजूकेशन, शाहिद मंगल सिंह पांडेय गर्ल्स कॉलेज मेरठ तथा विशिष्ट अतिथियों में डा सुविता कुमारी, डीएवी (पीजी) कॉलेज, मुजफ्फरनगर, अमरीश कुमार, राधा कृष्ट इंस्टीटयूट आफ टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, सहारनपुर डा प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या श्रीराम कॉलेज, डा अशोक कुमार, निदेशक श्रीराम कॉलेज, ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रजव्वलित करके किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर भावना सिंह, प्रोफेसर, फैकल्टी आफ एजूकेशन, शाहिद मंगल सिंह पांडेय गर्ल्स कॉलेज मेरठ ने विषय पर बोलते हुये कहा कि एआई कोई जादुई समाधान नहीं है, न ही यह शिक्षक की भूमिका के लिए कोई खतरा है। यह एक शक्तिशाली उपकरण है, जिसका सोच-समझकर उपयोग करने पर बेहतर शिक्षण परिणाम मिल सकते हैं, शिक्षण समय बच सकता है और शिक्षा को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है। हालाँकि, सफल कार्यान्वयन के लिए नवाचार के प्रति उत्साह से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है। शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो बाकी उद्योगों को शक्ति प्रदान करता है। बढ़ती तकनीकी गतिशीलता के साथ, शैक्षिक क्षेत्रों में भी बदलाव हुए हैं, जिसमें ब्लैकबोर्ड की जगह प्रोजेक्टर ने ले ली है, ऑनलाइन कक्षाओं को समायोजित किया है, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से छात्रों के प्रदर्शन की निगरानी की है, आदि। एआई के उदय ने शैक्षिक क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है, जिससे सीखने के संसाधनों की अधिक अनुकूलता के लिए दरवाजे खुल गए हैं।

इस अवसर पर डा प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या श्रीराम कॉलेज ने कहा कि शिक्षा के लिए कई एआई अवसर हैं जिनका उपयोग शिक्षण और सीखने के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। एआई शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए काफी उपयोगी रहा है, छात्रों के प्रदर्शन का आकलन करने, व्याकरण को सही करने, निबंध लिखने और तुरंत संसाधनपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए एक उपकरण के रूप में लोकप्रिय रूप से उपयोग किया जाता है। एआई के उन्नत स्तर के अनुप्रयोग जैसे कि विकलांग छात्रों के लिए उपलब्ध सहायता को बढ़ाने के लिए वाक् पहचान, बहुभाषी शिक्षण विकल्प आदि शिक्षा में एआई अवसरों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

इस अवसर पर शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रवक्ता डा मंदीप कुमार द्वारा मुख्य वक्ता प्रोफेसर भावना सिंह, प्रोफेसर, फैकल्टी आफ एजूकेशन, शाहिद मंगल सिंह पांडेय गर्ल्स कॉलेज मेरठ को प्रशस्ति पत्र एंव बुकें भेंट किया वहीं डा जगमेहर गौतम द्वारा उनको पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

वही कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा सुविता कुमारी, डीएववी (पीजी) कॉलेज, मुजफ्फरनगर को शिक्षक शिक्षा विभाग के प्रवक्ता भानु प्रताप वर्मा द्वारा तथा अमरीश कुमार, राधा कृष्ट इंस्टीटयूट आफ टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, सहारनपुर को संदीप राठी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्या श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर द्वारा मुख्य अतिथि प्रोफेसर भावना सिंह, प्रोफेसर, फैकल्टी आफ एजूकेशन, शाहिद मंगल सिंह पांडेय गर्ल्स कॉलेज मेरठ एवं विशिष्ट अतिथियों डा सुविता कुमारी, डीएववी (पीजी) कॉलेज, मुजफ्फरनगर, अमरीश कुमार, राधा कृष्ट इंस्टीटयूट आफ टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, सहारनपुर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत मे डा प्रेरणा मित्तल प्राचार्या श्रीराम कॉलेज द्वारा, सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया

कार्यक्रम का सफल संचालन बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा गौरी गर्ग ने किया।

इस अवसर पर डा अशोक कुमार निदेशक श्रीराम कॉलेज, भानू प्रताप वर्मा, डा जगमेहर गौतम, संदीप राठी, डा मंदीप, रीतु गर्ग, सपना सिंघल तथा छात्र-छात्राये उपस्थित रहे।

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Author: Taja Report

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