लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है। उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने तय किया है कि परिवहन विभाग ने नई तरकीब निकाली है। बसों, टैक्सियों आदि वाहनों में ड्राइवर के सामने डैशबोर्ड पर उसके परिवार की फोटो लगाई जाएगी, ताकि वह रफ्तार पर नियंत्रण रखे और सडक़ हादसों पर अंकुश लग सके।
दुर्घटना से देर भली और वाहन सावधानी से चलाएं घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है जैसे प्रेरक वाक्यों के साथ उत्तर प्रदेश में इस नये प्रयोग को लेकर परिवहन विभाग के अफसरों को ऐसा लगता है कि फैमिली फोटो सामने होने पर ड्राइवर तीव्र गति से वाहनों को नहीं चलाएंगे। यह कवायद कितनी कारगर साबित होगी, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन एक ओर जहां बढ़ते हादसों से सडक़ें खून से लथपथ हो रही है, सडक़ सुरक्षा फंड से परिवहन विभाग हादसों को रोकने के लिए पैसे पानी की तरह पैसे बहा रहा है। जागरुकता व प्रवर्तन दस्तों की कारवाइयों से हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है। हादसों का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में यह नया फंडा कितना असरकारी साबित होगा, कहा नहीं जा सकता। सर्कुलर के अनुसार मोटर कैब, मैक्सी, कैब, बस सहित सभी वाहनों में लिए यह अनिवार्य किया गया है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि ऐसा हुझ करने से वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करेंगे, क्योंकि वह अपने परिवार के बारे में भी सोचेंगे और इससे हादसे रुक सकेंगे।
परिवहन आयुक्त के अनुसार बीती नौ अप्रैल को प्रमुख सचिव परिवहन की अध्यक्षता में प्रदेश में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। इसमें पुलिस महानिदेशक (सडक़ सुरक्षा एंव यातायात) ने इस व्यवस्था का जिक्र किया। इसे पहले आंध्र प्रदेश गों की मौत में लागू किया जा चुका है। यहां हादसों की संख्या में मैं प्रभावी कमी देखने को मिली। अब इसे यूपी में लागू किया जा रहा है।

