मुजफ्फरनगर । परम पूज्य आचार्य नयन सागर जी महाराज ने अपने आज के प्रवचन में बताया कि व्यक्ति अपने जीवन में बहुत मेहनत करता है किंतु यदि उसकी मेहनत का परिणाम अनुरूप नहीं आता तो वह अपनी इस परिणाम का दोष अन्य पर लगाता है चाहे वह विद्यार्थी हो मंदिर का पुजारी हो नौकरी करता हो या व्यवसाय हो तो वह अपनी श्रद्धा निष्ठा व अपनी मेहनत के परिणाम नहीं देखता वह इसका दोष रोपण अन्य के ऊपर करता है हम सभी रोज मंदिर में जाते हैं और अनेकों प्रकार से भगवान की पूजा अर्चना दर्शन इत्यादि करते हैं फिर भी हमें उस पूजा का दर्शन करने का उचित फल नहीं मिलता यह सभी हमारी श्रद्धा निष्ठा विश्वास वह समर्पण की कमी के कारण होता है इसी कारण से वर्तमान में मनुष्य दुखी रहता है हमें प्रतिदिन समर्पण व उच्च श्रद्धा के भावों से ही भगवान की पूजा दर्शन करने चाहिए सभी व्यक्ति वर्तमान सुख चाहते हैं कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो दुख चाहता हो तब आचार्य श्री कहते हैं
सुख भी हमें प्यारे हैं
दुख भी मुझे प्यारे हैं
छोड़ू मैं किसी छोड़ूं
दोनों ही तुम्हारे हैं
धर्म का कार्य यदि व्यक्ति द्वारा अपने मन के समर्पण के साथ किया जाता है तो वह निश्चित ही अपनी साधना का प्रतिफल प्राप्त करता है आचार्य श्री ने गिरनार जी सिद्ध क्षेत्र पर प्रथम टोंक पर 22 वे तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के मंदिर के जीर्णोद्धार के बारे में विस्तार से वर्णन किया
प्रवचन एवं गुरु भक्ति के प्रसारण में जैन बाल संस्कार का अतुलनीय सहयोग है , डॉ जयकुमार जी जैन , अशोक जैन (एडवोकेट) अनमोल ज्वेलर , सुभाष जैन (फोटो स्टेट) , सुनील जैन नावला वाले , जितेन्द्र जैन टोनी , मनोज जैन LG , सतीश जैन CA , विप्लव जैन , सतपाल जैन , रविन्द्र जैन वहलना , पुनीत जैन , विपिन जैन , अखलेश जैन , प्रेमचंद जैन , विभोर जैन , अजय जैन , सुनील जैन टिकरी , वरुण जैन सर्राफ , अरविंद जैन , नीरज जैन , नितिन जैन , अनुपम जैन , नितेश जैन , मनोज जैन , संजय जैन , अनुज जैन , अतुल जैन आर्जव जैन कुतेसरा वाले , देवेन्द्र जैन साशी साड़ीज, अशोक जैन खतौली वाले , विपिन जैन शी ब्यूटी , अरविंद जैन कोयले वाले , रोहित जैन


