मुजफ्फरनगर। सावधान, सामान्य जीवन, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर दोस्ती के जाल में फंसाकर ब्लैक मेल करने वाली विष कन्याएं युवकों के लिए जान लेवा बन रही हैं। ऐसी लड़कियां और विवाहित महिलाएं भी इश्क और हुस्र का जाल फेंककर लड़कों को आसानी से फंसा लेती हैं। हुस्र के भौंडे प्रदर्शन करती रीलों और फोटुओं में युवक इतने दीवाने हो जाते हैं कि उन्हें इसका अहसास भी नहीं होता कि उन पर कैसा जाल बुना जा रहा है। ाूठी आशिकी के जाल में फंसे लड़कों को जब सच का अहसास होता है तब तक देर हो चुकी होती है। जिले में 27 साल के युवक ने प्रेमिका और उसकी मां पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। दो पन्नों में लिखे सुसाइट नोट में दोनों पर गंभीर आरोप लगाए है। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
तितावी थानाक्षेत्र के गढ़ी देशराज गांव के आयुष नामक युवक ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले युवक ने दो पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपनी प्रेमिका और उसकी मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट के अनुसार, युवक पिछले कई सालों से प्रेमिका के साथ रिश्ते में था, लेकिन इस दौरान उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि उसकी प्रेमिका अंशिका भारद्वाज और उसकी मां बबीता भारद्वाज उस पर पैसों का दबाव बनाती थीं और बार-बार उससे रकम वसूलती थीं। इतना ही नहीं, युवक ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों उसे निजी तस्वीरें वायरल करने ओर रेप के आरोपों में जेल भेजने की धमकी देकर डराती थीं। इन परिस्थितियों से परेशान होकर वह खुद को पूरी तरह असहाय महसूस करने लगा था। परिजनों के अनुसार, आयुष पिछले कुछ समय से काफी तनाव में था, लेकिन उसने कभी खुलकर अपनी परेशानी जाहिर नहीं की। आज कल इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए इश्क और हुस्र का जाल फैलाकर लड़कों को फंसाने वाली विष कन्याओं के लिए सोशल मीडिया ने राह आसान कर दी है। ऐसी महिलाएं और लड़कियां एक साथ दस बीस तक आशिकों को पालती हैं। इसके बाद फंसने वाले को पता भी नहीं चलता कि कब उसके साथ कांड हो गया।