
मुजफ्फरनगर। आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल, मुज़फ्फरनगर में वैदिक फिजिक्स सेमिनार का भव्य एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय वैदिक ज्ञान परंपरा तथा आधुनिक भौतिक विज्ञान के वैज्ञानिक संबंधों से परिचित कराना और उनमें वैज्ञानिक सोच एवं शोध की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहोदय कॉम्प्लेक्स, मुज़फ्फरनगर के अध्यक्ष श्री शिव कुमार जी ने की तथा मुख्य अतिथि डॉ. रणवीर सिंह जी रहे। अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. रणवीर सिंह जी ने कहा कि भारतीय वैदिक ज्ञान विश्व को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने इस ज्ञानवर्धक सेमिनार के आयोजन के लिए सहोदय कॉम्प्लेक्स का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सेमिनार के मुख्य वक्ता आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक (संस्थापक एवं अध्यक्ष, वैदिक एंड मॉडर्न फिजिक्स रिसर्च सेंटर, भीनमाल, राजस्थान) ने वैदिक ग्रंथों में वर्णित पदार्थ, ऊर्जा, अंतरिक्ष, समय और चेतना से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल एवं रोचक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं वैदिक एंड मॉडर्न फिजिक्स रिसर्च सेंटर के प्राचार्य श्री विशाल आर्य जी ने प्राचीन भारतीय चिंतन और आधुनिक भौतिक विज्ञान के बीच संबंधों को स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस सेमिनार में मुज़फ्फरनगर के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 225 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने वैदिक फिजिक्स से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। प्रधानाचार्य जी एवं वक्ताओं ने विद्यार्थियों की सभी शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया एवम उनकी उनकी जिज्ञासाओं का सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से निवारण किया।
विद्यालय के प्रबंधक महोदय जी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक अभिवादन करते हुए कार्यक्रम में सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी का यूट्यूब चैनल विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है, जहाँ वैदिक फिजिक्स से संबंधित अध्ययन सामग्री, पुस्तकें एवं उनकी PDF निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि विद्यालय पूर्ण प्रयास करेगा कि अगले शैक्षणिक सत्र से आचार्य जी की पुस्तक को विद्यालय के पाठ्यक्रम (सिलेबस) में सम्मिलित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को वैदिक फिजिक्स का व्यवस्थित अध्ययन करने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रबंधक श्री सुघोष आर्य जी एवम् प्रधानाचार्या श्रीमती सोनिका आर्य जी के द्वारा मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं सभी वक्ताओं का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त करते हुए स्मृति चिन्ह भेट किये । यह सेमिनार सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं भारतीय ज्ञान परंपरा तथा आधुनिक विज्ञान के समन्वय को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।


