मुज़फ्फरनगर। थाना भोपा पुलिस व एसओजी देहात की संयुक्त टीम द्वारा आईपीएल मैच पर सट्टे की खाईबाडी करने वाले 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1,00,000/- रु0 नगद, 07 मोबाईल फोन, 01 लेपटॉप व 01 टेबलेट बरामद किए हैं।
थाना भोपा पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि थानाक्षेत्र भोपा के कस्बा मोरना में परवेज पुत्र महमुद के घर के अन्दर आई0पी0एल0 मैच के दौरान 99-EXCH ऐप पर सट्टे की खाईबाडी की जा रही है। सूचना पर थाना भोपा पुलिस व एसओजी देहात की संयुक्त टीम तत्काल मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुंची तथा एकबारगी दविश देकर आवश्यक बल प्रयोग करते हुए 05 अभियुक्तगण को मौके से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे से 1,00,000/- रु0 नगद, 07 मोबाईल फोन, 01 लेपटॉप व 01 टेबलेट बरामद किये गये। अभियुक्तगण की गिरफ्तारी एवं बरामदगी के सम्बन्ध में थाना भोपा पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण का नाम व पता-*
*1.* परवेज पुत्र महमूद निवासी ग्राम मोरना थाना भोपा, मुजफ्फरनगर।
*2.* साजिद पुत्र हसीन निवासी ग्राम मोरना थाना भोपा, मुजफ्फरनगर।
*3.* गुलफाम पुत्र नूर हसन निवासी ग्राम रथेडी थाना नई मण्डी, मुजफ्फरनगर।
*4.* दीपक पुत्र ऋषिपाल निवासी ग्राम मनधेडा थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
*5.* जाहूलक पुत्र हुसैन अहमद निवासी ग्राम सिकन्दरपुर थाना मीरापुर, मुजफ्फरनगर
गिरफ्तार अभियुक्त परवेज के विभिन्न बैंकों के 05 खाते पाये गये है। खातों में संदिग्ध लेनदेन से संबंधित धनराशि पाए जाने पर उसके एचडीएफसी बैंक शाखा शुक्रताल, यूनियन बैंक शाखा भोकरहेड़ी, पंजाब नेशनल बैंक एवं सिंध बैंक शाखा मोरना, पंजाब नेशनल बैंक शाखा मोरना तथा एसबीआई बैंक शाखा भोकरहेड़ी में मौजूद लगभग 01 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज कराने हेतु आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्तगण के विस्तृत आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि उनका एक सुव्यवस्थित एवं संगठित गिरोह है, जिसका संचालन अभियुक्त परवेज द्वारा किया जाता है। परवेज ही सम्पूर्ण नेटवर्क का मुख्य संचालक है तथा उसके द्वारा ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अवैध गतिविधियों का संचालन कराया जाता था। अभियुक्त गुलफाम व साजिद क्षेत्र के विभिन्न व्यक्तियों से नगद धनराशि एकत्र करने का कार्य करते थे, जबकि अभियुक्त दीपक द्वारा थाना बुढ़ाना व शाहपुर क्षेत्र के लोगों से ऑनलाइन माध्यम से पैसा एकत्र किया जाता था। इसी प्रकार अभियुक्त जाहूलक द्वारा थाना मीरापुर क्षेत्र के व्यक्तियों से ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से धनराशि एकत्र की जाती थी। अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि एकत्रित धनराशि को ऐप के माध्यम से संचालित अवैध कारोबार में लगाया जाता था तथा उससे प्राप्त मुनाफे को गिरोह के सदस्यों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में आपस में बांट लिया जाता था।


