जोधपुर। सहायक कलेक्टर (एसडीएम) प्रियंका विश्नोई की इलाज के दौरान मौत हो गई। तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती थी। इलाज में लापरवाही के आरोप के बाद डीएम ने एक कमेटी का गठन किया था, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले ही एसडीएम प्रियंका विश्नोई की मौत हो गई। प्रियंका के इलाज में षड्यंत्रपूर्वक लापरवाही बरतने का आरोप है।
आपको बता दें कि प्रियंका विश्नोई का तबादला 1 सितंबर को नगर निगम उपायुक्त के पद पर तबादला हुआ था तथा 5 सितंबर को वे ऑपरेशन के लिए शहर के वसुंधरा अस्पताल में भर्ती हुई थीं, लेकिन ऑपरेशन के बाद कॉम्प्लिकेशन होने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके चलते 7 सितंबर को उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया गया जहां बुधवार की रात्रि को उनकीं मौत हो गई।
वसुंधरा अस्पताल के संचालक डॉ. संजय मकवाना ने बताया कि 5 सितंबर को ऑपरेशन के बाद प्रियंका विश्नोई पूरी रात ठीक थीं। सुबह उन्हें चिड़चिड़ापन महसूस हुआ, जिसके लिए उनके ब्लड टेस्ट किए गए, जिसमें कुछ इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन पाया गया। जिसके लिए उन्हें आईसीयू में रखा गया और आगे की जांच कर उसके हिसाब से ट्रीटमेंट शुरु किया गया, लेकिन उनका चिड़चिड़ापन जारी रहा।इसके बाद कारण का पता लगाने के लिए पेट का स्कैन किया गया। हृदय रोग विशेषज्ञ ने किसी भी विकृति को दूर करने के लिए इकोकार्डियोग्राफी भी की। चिड़चिड़ेपन और बेचैनी का कारण जानने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट को बुलाया गया। इसके बाद उन्हें अहमदाबाद रेफर कर दिया गया। जहां पर सीटी स्कैन करने पर दिमाग में अलग-अलग रक्तस्राव दिखाया गया, जो मुख्य रूप से एवी विकृति (जन्मजात विकृति) के कारण है।

