मुजफ्फरनगर। एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी तथा समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा ढाबों और होटल पर नाम लिखाए जाने के मामले पर की गई टिप्पणी को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने तीखी प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा कि आज यह लोग इस धार्मिक विभेदकारी बता रहे हैं और जब समाजवादी पार्टी के शासन में दंगा पीड़ितों में मुसलमान को चुन चुन कर सहायता दी जा रही थी तब यह धार्मिक विभेद नहीं था। दूसरी ओर पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह का काम पहले भी हो चुका है और जब कावड़ यात्रा चल रही है और मुस्लिम अपने ढाबों पर मांसाहारी और लहसुन प्याज वाले भोजन बनाते हैं। तब यह सुनिश्चित करना प्रशासन का काम है की कहीं इसे लेकर विवाद ना हो जाए। उन्होंने कहा कि कावड़िया अगर उन्हें लगता है कि कोई मुस्लिम शुद्ध भोजन बना रहा है तो वह वहां भोजन कर सकता है। इस पर किसी की रोक नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को गुंडो की पार्टी बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव द्वारा सौ लाओ मुख्यमंत्री बनों का ऑफर बेवकूफी भरा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को चाहिए कि वह अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लें। उन्होंने कहा कि जब से सांसद बदला है अपराधी फिर बाहर आने लगे हैं। ऐसे में योगी सरकार को इनकी खोपड़ी में गोली मारने का आदेश जारी करना होगा।

