“ना हारना जरूरी है, ना जीतना जरूरी है।
जीवन एक खेल है, खेलना जरूरी है।।”
मुजफ्फरनगर। शारदेन विद्यालय में 29 वा दो दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें कार्यक्रम के पहले दिन विद्यालय के बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साह पूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री मती कविता मीणा जी एमडीए चेयरपर्सन मुजफ्फरनगर उपस्थित रही। मुख्य अतिथि का अभिनंदन तिलक तथा माल्यार्पण द्वारा किया गया। नन्हे मुन्हे बच्चों ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। बच्चों ने ऊंचे ऊंचे पिरामिड बनाकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने बच्चों को खेलों के प्रति सत्य निष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि श्रीमती कविता मीणा जी ने अपने संबोधन में कहा कि शारदेन स्कूल के छात्र सचमुच में एक्टिव छात्र है। इन छात्रों का बलिष्ठ शरीर एवं स्फूर्तिमय शरीर केवल खेलकूद द्वारा ही बनता है। यह प्रयास अनवरत रहना चाहिए। शारदेन स्कूल के मैनेजमेंट, अध्यापकों एवं अभिभावकों द्वारा बच्चों पर बहुत ध्यान रखा जाता है और मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में भी छात्रों को इसी तरह आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
तत्पश्चात खेल प्रतियोगिताओं का आरंभ हुआ। इन खेल प्रतियोगिताओं में विद्यालय के बच्चों के लिए अनेक रोचक खेलों का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से सांता क्लॉस रेस, बॉब द बिल्डर, जेलीफिश, मंकी बनाना रेस, ज़िग जैग रेस , ब्रेस्ट बैलून रेस, 100 मीटर रेस, वन लेग रेस, त्रि लेग रेस, बैलेंस द बुक रेस ,कमांडो रेस ,बैलेंस द बॉल, लेमन स्पून रेस, कंगारू रेस, पार्टनर रेस, बैटन रिले रेस, भीम लड्डू रेस, फ्रॉग रेस, सैक रेस,पुट द बॉल इन द बास्केट, कैटरपिलर रेस, रिंग रेस, कौन रेस, डबल रिंग रेस, 3 लेग रेस, रोल द मैट रेस, लेमन स्पून रेस, कंगारू रेस, 100 मीटर रेस, सैक रेस, पिरामिड, हॉपिंग रेस, बैलेंस द बॉल रेस व मेक द गारलैंड रेस आदि मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे मुन्ने बच्चों ने विद्यालय द्वारा आयोजित रेसो में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य अतिथि द्वारा विजेता बच्चों को मेडल तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कविता मीणा जी ने कहा कि शारदेन के विद्यार्थियों ने खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रस्तुति देखकर सबको आश्चर्य चकित किया है यहां के दौड़े अलग-अलग रूप में कराई गई जिन्होंने हम सबको और अभिभावकों को अपनी ओर आकर्षित किया। मैं हृदय से सभी बच्चों को अपना आशीर्वाद देती हूं कि वे इसी तरह अपने जीवन में खुशियों से महकते रहे और आगे बढ़ते रहे।
विद्यालय निदेशक श्री विश्व रतन जी के द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने विजेता बच्चों को बधाई दी तथा बच्चों को खेल का महत्व बताते हुए प्रेरित किया कि खेलने से बच्चों को स्किल डेवलपमेंट में मदद मिलती है। समय के बदलाव के साथ-साथ छात्रों को खेलना बहुत जरूरी है। मोबाइल को छोड़कर कुछ समय छात्रों को खेल के लिए भी अवश्य निकालना चाहिए, जितनी पढ़ाई जरूरी है खेल भी उतने ही जरूरी है। इससे न सिर्फ बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है बल्कि मानसिक रूप से भी बच्चे खुश और स्वस्थ रहते हैं। वहीं टीम में खेलने से बच्चे टीमवर्क, धैर्य रखना ,लीडरशिप जैसी क्वालिटीज भी सीखते हैं।
अंत में प्रधानाचार्य श्रीमती धारा रतन जी ने सभी अभिभावको को उनकी उपस्थिति और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और छात्रों को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया। खेल समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के सभी अध्यापकों का गहन योगदान रहा।


