Access denied मुजफ्फरनगर किसान नेता सहित परिवार के लोगों पर हुए मुकदमों में टिकैत गुट आया पुलिस के खिलाफ किसान नेता के समर्थन में - Taja Report

Taja Report

मुजफ्फरनगर किसान नेता सहित परिवार के लोगों पर हुए मुकदमों में टिकैत गुट आया पुलिस के खिलाफ किसान नेता के समर्थन में

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के नसीरपुर गांव में बच्चों के विवाद के बाद दर्ज मुकदमे और तीन लोगों की गिरफ्तारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के समर्थन में अब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) भी खुलकर सामने आ गई है।

तितावी थाना क्षेत्र के गांव नसीरपुर में कश्यप समाज के कुछ लोगों के साथ मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दर्ज मुकदमे में नंदू उर्फ विजय प्रताप पुत्र पूरन सिंह, सागर सिंह, रवि पुत्र सुक्का, दीक्षित पुत्र प्रताप, विक्की पुत्र महकार सिंह और अनिकेत को नामजद किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन वांछित आरोपियों नंदू उर्फ विजय प्रताप, रवि पुत्र सुक्का और अनिकेत को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में रोष देखने को मिल रहा है।

 

मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव धीरज लाटियान सोमवार को नसीरपुर स्थित पूरन सिंह के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ली और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। धीरज लाटियान ने आरोप लगाया कि बच्चों के बीच हुए विवाद को प्रशासन ने गंभीर मामला बनाकर पूरन सिंह और उनके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि शासन के दबाव में मामले को घुमाया जा रहा है और मजदूर-किसानों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो किसान संगठन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पूरन सिंह को भारतीय किसान यूनियन टिकैत का पूर्ण समर्थन है।

उधर, पूरन सिंह ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 14 मार्च को नसीरपुर में किसान सम्मान बचाओ महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। महापंचायत की तैयारियों को लेकर मंगलवार को उनके आवास पर संगठन के पदाधिकारियों की आकस्मिक बैठक भी बुलाई गई है। इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत भी कह चुके हैं कि पुलिस प्रशासन किसानों और उनकी आवाज उठाने वालों का उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर इसका विरोध करने की अपील की थी।

Taja Report
Author: Taja Report

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

casibom güncel giriş
casibom giriş
casibom
jojobet güncel giriş
jojobet giriş
jojobet
grandpashabet güncel giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet
jojobet güncel giriş
jojobet giriş
jojobet
pusulabet güncel giriş
pusulabet giriş
pusulabet
pusulabet güncel giriş
pusulabet giriş
pusulabet
casibom güncel giriş
casibom giriş
casibom
jojobet