मुजफ्फरनगर। एस. डी. कॉलेज ऑफ़ लॉ, में मानव अधिकार दिवस अत्यन्त उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज प्रांगण में एक विशेष गोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, शिक्षकों तथा आमंत्रित अतिथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डी. ए. वी. कॉलेज, मुज़फ्फरनगर के *प्रोफेसर डॉ. कुलदीप* ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मानव अधिकारों की उत्पत्ति, विकास, भारतीय संविधान में इन अधिकारों की सुरक्षा तथा आधुनिक समय में इनकी सार्थकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। डॉ. कुलदीप ने कहा कि मानव अधिकार केवल कानूनी अधिकार नहीं, बल्कि मानवीय चेतना का आधार हैं। प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह न केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे, बल्कि दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करे।
*कॉलेज प्राचार्या डॉ. रेनू गर्ग* जी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने मानव अधिकारों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान वैश्विक संदर्भ में इनकी आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग सामाजिक बदलाव का वाहक है, इसलिए उसे मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना अत्यंत आवश्यक है।
*कॉलेज निदेशक श्रीमती मंजु मल्होत्रा* जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग समानता, न्याय और गरिमा के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करे। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि विधि के विद्यार्थी समाज के संरक्षक होते हैं और उन्हें भविष्य में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
इस अवसर पर कॉलेज के *वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. मुकुल गुप्ता* जी ने भी महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि मानव अधिकारों की अवधारणा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक अर्थ समाज में न्याय और समानता की स्थापना से है। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि भविष्य में न्यायिक व्यवस्था और अधिवक्ता पेशा उन्हें मानवाधिकारों की रक्षा के महत्वपूर्ण मोर्चे पर खड़ा करेगा।
कार्यक्रम का संचालन *श्री वैभव कश्यप जी* द्वारा अत्यंत प्रभावशाली शैली में किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के क्रम को सुसंगत रूप से आगे बढ़ाते हुए वक्ताओं और प्रतिभागियों को मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर उपस्थित कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार उत्साहपूर्वक साझा किए। छात्रों ने मानव अधिकारों के विभिन्न पहलुओं—जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार, बाल अधिकार, महिला अधिकार आदि—पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। अनेक छात्रों ने सामाजिक विषमताओं, मानव गरिमा और संवैधानिक आदर्शों पर आधारित प्रभावशाली विचार व्यक्त किए, जिससे स्थल का वातावरण ज्ञान और जागरूकता से परिपूर्ण हो गया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की निदेशक एवं प्राचार्या ने सभी अतिथियों, वक्ताओं तथा प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, बल्कि मानव अधिकारों के मूलभूत सिद्धांतों को समाज में स्थापित करने के संकल्प को भी मजबूत करता है।
एस. डी. कॉलेज ऑफ लॉ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को पूर्णतः सफल बनाने में सभी फैकल्टी मेंबर्स का पूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर
डॉक्टर अमित चौहान, डॉक्टर प्रीति लौर,पूनम शर्मा, छवि जैन,बीटा गर्ग, अनीता सिंह, डॉक्टर दीपक मलिक, डॉक्टर अभिनव गोयल,अमित त्यागी, वैभव कश्यप, अमित भारद्वाज, विपुल सिंगल, शुभम सिंघल, मोहम्मद आमिर और उमेश त्रिपाठी जी उपस्थित रहे


