मुजफ्फरनगर। भारत रत्न, किसानों क मसीहा एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर जाट महासभा मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में चौधरी चरण सिंह चौक, सर्कुलर रोड पर विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। हवन के उपरांत जननायक चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन, विचारों और किसान हित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान चौधरी चरण सिंह चौक के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले चरथावल विधायक पंकज मलिक, नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप तथा लंबे समय तक चौक निर्माण के लिए शासन-प्रशासन से सतत पत्राचार करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान कुमार को जाट महासभा की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जाट महासभा मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने अपने संबोधन में कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन किसान, मजदूर, गरीब और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि आज किसान जिस सम्मान, आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ खड़ा है, उसकी मजबूत नींव चौधरी चरण सिंह की नीतियों, संघर्ष और दूरदर्शी सोच से रखी गई। वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 दिसंबर 1902 को मेरठ जनपद के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे चौधरी चरण सिंह ने स्वतंत्रता के बाद देश में जमींदारी उन्मूलन, किसान कर्ज मुक्ति कानून और भूमि हदबंदी जैसे ऐतिहासिक सुधार लागू कर सामाजिक न्याय की नई इबारत लिखी। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, वित्त मंत्री, उपप्रधानमंत्री तथा वर्ष 1979 में देश के प्रधानमंत्री रहे। नाबार्ड, मंडल आयोग एवं अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना उनके दूरदर्शी नेतृत्व और किसान केंद्रित नीतियों का प्रतीक है। कार्यक्रम में महासचिव जयवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमकार एलावत, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विराज तोमर, कोषाध्यक्ष राकेश बालियान, बिट्टू सिखेड़ा, युवा जिलाध्यक्ष राहुल पवार, नगर अध्यक्ष रमेश बालियान, जिला उपाध्यक्ष सतेन्द्र राठी, अनुज बालियान सहित बड़ी संख्या में जाट महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जाट महासभा मुजफ्फरनगर ने चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों, सिद्धांतों और किसान हितैषी नीतियों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।