मुम्बई। मुंबई से यूपी में संचालित एक बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह अलीगढ़ के दृष्टि दिव्यांग प्रभात का धर्म परिवर्तन और खतना कराकर हामिद बनाने की तैयारी में था।
उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध धर्मांतरण का बड़ा गैंग सक्रिय था, मदरसा संचालक अब्दुल मजीद का धर्मांतरण गैंग 10 वर्षों से चल रहा था। इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था। महिला की शिकायत पर बरेली पुलिस ने का एक्शन लिया तब जाकर बड़ा खुलासा सामने आया है। 13 राज्यों के 20 से अधिक शहरों से धर्मांतरण गैंग के लिए चंदा जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है। विभिन्न एजेंसियों और संबंधित इलाकों की पुलिस को सूचना देकर इन सभी स्थान पर धर्मांतरण गैंग की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। गैंग के सरगना अब्दुल मजीद को लेकर जांच चल रही है। पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनको लेकर जानकारी सामने आई है। धर्मांतरण गैग ने सुभाषनगर के गांव करेली निवासी ब्रजपाल सिंह के परिवार का 10 साल पहले धर्मांतरण कराया था। इस आधार पर दावा किया जा रहा है कि यह गैंग कम से कम 10 साल से सक्रिय है। अब्दुल मजीद मदरसा चलाता है। दिखावे के लिए फेरी लगाकर सदरी और अन्य कपड़े बेचता है। पुलिस ने उसकी यात्राओं के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह लगातार घूमता रहता है। अब्दुल मजीद के अब तक देश भर के 13 प्रदेशों में उसके घूमने और चंदा जुटाने की बात सामने आई है। यूपी के 11 जिलों में अब्दुल मजीद का अधिक आना-जाना होता है। इसके आधार पर कहा जा रहा है कि यह गैंग बहुत से लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा चुका है। पुलिस इसकी जांच में जुटी हुई है। सलमान सुभाषनगर के करेली गांव में टेलर का काम करता है। यह गिरोह में लोगों का ब्रेनवॉश करने के काम में लगा था। इसके लिए 30 वर्षीय सलमान धर्म से संबंधित किताबें, सीडी और अन्य साहित्य लोगों तक पहुंचाता था। उसके 6 बैंक खातों की जानकारी पुलिस को मिली है। भोजीपुर के सैदपुर चुन्नीलाल में 23 वर्षीय मोहम्मद फहीम नाई का काम करता है। वह धर्मांतरण के संभावित शिकारों की जानकारी जुटाकर गिरोह तक पहुंचाता था। साथ ही, धर्म परिवर्तन के दौरान वह खतना का काम करता था। उसके दो बैंक खातों की जानकारी मिली है। सलमान भी सुभाषनगर के करेली गांव में टेलर का काम करता है। 29 वर्षीय आरिफ टेलर सलमान का सहयोगी है। वह नए लोगों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने के लिए गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद करता था। उसके दो बैंक खातों की जानकारी पुलिस को मिली है पुलिस की जांच में सामने आया है कि अब्दुल मजीद धर्म परिवर्तन संबंधी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए राज्यों और शहरों का भ्रमण करता था। इन स्थानों पर वह समुदाय विशेष से संबंधित तमाम प्रमुख लोगों और धर्म स्थलों के संपर्क में था। इनमें से तमाम उसे लगातार चंदा दे रहे थे। इसके सबूत पुलिस को मिले हैं। ऐसे में पुलिस उन सभी स्थानों पर धर्मांतरण गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल करा रही है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों और संबंधित स्थान की पुलिस के संपर्क साधा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह काफी लंबे समय से लोगों को बहला कर, लालच देकर धर्मांतरण का कार्य कर रहा था। गिरोह सुभाषनगर के गांव करेली में रहने वाले पूरे परिवार का धर्मांतरण करा चुका है। करेली में रहने वाले बृजपाल सिंह उर्फ बृजपाल साहू गणित की कोचिंग चलाते थे। आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर 10 साल पहले गिरोह के सदस्य सलमान और मोहम्मद आरिफ उससे संपर्क बढ़ाया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह काफी लंबे समय से लोगों को बहला कर, लालच देकर धर्मांतरण का कार्य कर रहा था। गिरोह सुभाषनगर के गांव करेली में रहने वाले पूरे परिवार का धर्मांतरण करा चुका है। करेली में रहने वाले बृजपाल सिंह उर्फ बृजपाल साहू गणित की कोचिंग चलाते थे। आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर 10 साल पहले गिरोह के सदस्य सलमान और मोहम्मद आरिफ उससे संपर्क बढ़ाया। पहले बृजपाल का धर्म परिवर्तन कराया गया। उसे अब्दुल्ला बनाया गया। इसके बाद उसका निकाह तबस्सुम से कर दिया गया। इसके बाद उसकी बहन राजकुमारी का धर्म परिवर्तन कर आयशा बनाया गया। फिर उसका निकाह करा दिया गया। बेटे-बेटी के धर्म परिवर्तन के बाद उनकी मां राजकुमारी ने भी मजबूर होकर धर्म परिवर्तन किया और अमीना बन गई। अब्दुल मजीद ट्रैवल हिस्ट्री की पुलिस ने जांच की है। इसमें चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में वह संभल, अमरोहा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी, बुलंदशहर, रायबरेली, बरेली, प्रयागराज और झांसी का लगातार दौरा कर रहा था। इनके अलावा वह गुजरात के बडोदरा और सूरत, मध्य प्रदेश के भोपाल, महाराष्ट्र के मुंबई और पालघर, हरियाणा के रोहतक और फरीदाबाद, राजस्थान के जयपुर, दिल्ली, एनसीआर, तमिलनाडु के चेन्नई, कर्नाटक के बेंगलुरु और मैसूर, केरल के तिरुअनंतपुरम, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, पुडुचेरी एवं पश्चिम बंगाल में उसकी लगातार आ-जा रहा था। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने इस गिरोह के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भुता क्षेत्र में धर्मांतरण कराने वाले गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गैंग का सरगना मदरसा संचालक है। चारों के पास से धर्म परिवर्तन कराने संबंधी तमाम साहित्य बरामद किए गए हैं। यह गिरोह अलीगढ़ के दृष्टि दिव्यांग प्रभात का धर्म परिवर्तन और खतना कराकर हामिद बनाने की तैयारी में था। गिरोह का नेटवर्क 13 राज्यों में फैला हुआ है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

