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अवैध होर्डिंग और यूनिपोल लगाकर करोड़ों की काली कमाई करने वालों पर कार्रवाई रुकी

मुजफ्फरनगर। शहरी क्षेत्र में अवैध रूप से लगे होर्डिंग और यूनीपोल पर एक घुडकी के बाद ही पालिका दहशत में है। पालिका को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाली विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। एक विज्ञापन एजेंसी के मालिक ने पालिका की टीम द्वारा अवैध होर्डिंग हटा रही टीम के साथ गाली गलौच करते हुए पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों को हडकाया गया। टीम ने सुरक्षा और सम्मान का सवाल उठाते हुए शहर में अवैध होर्डिंग हटाने के अभियान को चलाने से साफ इंकार कर दिया है और विज्ञापन एजेंसी के आरोपी मालिक के खिलाफ अपने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भी कर दी है। इसी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने नाराजगी जताई और अभियान को लेकर मीटिंग कॉल कर ली है। अभी पालिका के उन कारिंदों पर कार्रवाई का तो कोई जिक्र नहीं है जो दफ्तर से लेकर सड़क तक इस काली कमाई के हिस्सेदार रहे हैं। शहरी क्षेत्र में अवैध होर्डिंग और यूनीपोल आदि विज्ञापन पट के कारोबार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे। इसके लिए विज्ञापन एजेंसियों की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया था कि शहरी क्षेत्र में सर्वे कराकर अवैध होर्डिंग व यूनीपोल को चिन्हित कराया जाये। इस पर पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने तीनों राजस्व निरीक्षकों की संयुक्त टीम गठित करते हुए दो मई को विज्ञापन पटों का भौतिक सत्यापन करने के लिए सर्वे कर रिपोर्ट तलब की थी। 21 मई को रिपोर्ट ईओ को सौंपी गई तो इसमें सर्वे के आधार पर जो तथ्य सामने आये, उसमें शहरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विज्ञापन प्रचार प्रसार के लिए अवैध कारोबार की कड़ी से कुड़ी खुलती नजर आई। 87 होर्डिंग और 20 यूनीपोल अवैध पाये गये।सर्वे रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद 24 मई को ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कर अधीक्षक नरेश शिवालिया को चिन्हित अवैध होर्डिंग और यूनीपोल को हटवाने के निर्देश दिये थे। अभियान शुरू न होने पर ईओ ने सख्ती की तो शनिवार को कर अधीक्षक तीनों राजस्व निरीक्षकों को पूरी टीम के साथ फील्ड में उतरे। इस अभियान के विरोध की पहले से ही संभावना जताई जा रही थी, इसके बावजूद भी टीम की सुरक्षा के लिए पुलिस बल नहीं लिया गया। टीम ने शनिवार को एसएसपी आवास के बाहर लगे अवैध होर्डिंग को हटवाने की कार्यवाही शुरू की तो इसी बीच टीम के साथ अभद्रता की गई।इस घटना को लेकर तीनों राजस्व निरीक्षकों अमरजीत सिंह, विजय कुमार और अमित कुमार के साथ ही टीम में शामिल सभी 13 पालिका कर्मियों ने कर अधीक्षक को लिखिता शिकायत करते हुए शहर से अवैध होर्डिंग हटाने से साफ इंकार कर दिया। टीम ने अपनी शिकायत में बताया कि एसएसपी आवास के पास इण्डिया एडवरटाइजिंग एजेंसी का होर्डिंग अवैध पाये जाने पर चिन्हित किया गया था। उसको हटाने की कार्यवाही के दौरान ही वहां सलोनी एडवरटाइजिंग एजेंसी के मालिक सुनील कुमार पहुंचे और आते ही गाली गलौच शुरू कर दी थी, विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गये। धमकी दी गई कि वो शहर से एक भी अवैध होर्डिंग उतरने नहीं देंगे। इस अभद्रता के कारण टीम में रोष और सुरक्षा के प्रति चिंता बनी है। टीम ने अभियान को उसी समय रोक दिया और हटाये गये अवैध होर्डिंग की सामग्री को पालिका स्टोर में जमा करने के साथ ही अवैध होर्डिंग हटाने से साफ इंकार दिया।

कर अधीक्षक नरेश शिवालिया ने बताया कि घटना के बाद उनके द्वारा फोन पर चेयरपर्सन को अवगत करा दिया गया था और अभियान रोकने की जानकारी भी दे दी गई थी। इसके साथ ही टीम द्वारा दी गई लिखित शिकायत ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को उपलब्ध करा दी गई। उन्होंने कहा कि पालिका के अधिकारी और कर्मचारी के लिए सुरक्षा और सम्मान पहला विषय है। जब तक इसके लिए भरोसा नहीं मिलता अभियान चलाने से टीम ने इंकार कर दिया है। इसके लिए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सोमवार को मीटिंग बुलाई है, जिसमें अभियान को लेकर नीति तय की जायेगी। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने विरोध किया, टीम उसका होर्डिंग नहीं उतार रही थी। इसमें आगामी कार्यवाही चेयरपर्सन व ईओ के साथ मीटिंग के बाद ही तय की जायेगी। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का कहना है कि कर अधीक्षक के माध्यम से टीम द्वारा की गयी लिखित शिकायत मिली है। जबकि चेयरपर्सन द्वारा सोमवार को बुलाई गई मीटिंग को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। जिस टीम के साथ अभद्रता की गई है, उसमें राजस्व निरीक्षक अमरजीत सिंह, विजय कुमार और अमित कुमार के साथ ही बिल कलेक्टर और कर्मचारी संगठन के शाखा मंत्री विकास शर्मा, मनीष कुमार, वसीम अहमद, सतेन्द्र कुमार, शोभित और दीपक शर्मा के साथ ही अनुचर इकरार अहमद, अरविन्द, वाजिद और सुनील शामिल हैं।

Taja Report
Author: Taja Report

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