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मुरादनगर के ढोंगी महंत का खेल खल्लास

गाजियाबाद। मुरादनगर में महंत मुकेश गोस्वामी के अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चल गया लेकिन वह फरार है। महंत महिलाओं के चेंजिंग रूम में CCTV कैमरा लगाकर Live फीड देखता था। महंत ने गंगनहर किनारे 10–12 अस्थाई दुकान सिंचाई विभाग की जमीन पर खुलवा रखी थी। महंत मुकेश गोस्वामी ने चेंजिंग रूम में CCTV कैमरा लगवा रखा था। जब महिलाएं कपड़े बदलती थी तो यह वीडियो अपने मोबाइल पर देखता था। इसके मोबाइल में कई महिलाओं के कपड़े चेंज करते हुए वीडियो मिले हैं। अब गाजियाबाद पुलिस को इसी की तलाश जारी है।

मुरादनगर 2018 में खुला था मौत की डुबकी का खेल.. खुद ही पानी के अंदर खींच कर मौत की नींद सुला देते.. फिर लाश ढूंढ़ने के लेते 50 K से 1 लाख तक?

ग़ाज़ियाबाद के छोटा हरिद्वार गंग नहर में मौत की डुबकी का मामला साल 2018 में खुला था। तब भी यही महंत मुकेश गोस्वामी यहाँ का कर्ता धर्ता था। वर्ष 2018 में मुरादनगर का छोटा हरिद्वार उस वक्त खबरों में आया, जब आरोप लगे कि यहां नहाने आए श्रद्धालुओं को गहनों के लालच में डुबोकर मारा जा रहा है। इस मामले में लोनी विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने उस समय की जिलाधिकारी ऋतु माहेश्वरी को लिखित शिकायत भी दी थी। विधायक का आरोप था कि यहां रहने वाले गोताखोर उन महिलाओं पर नजर रखते हैं, जो गहने पहनकर आती हैं। इसके बाद ये गोताखोर नहाते समय महिलाओं के पैर पकड़कर उन्हें गहरे पानी में खींच लेते और उनके मर जाने पर शव को पत्थर से बांध देते हैं। इस दौरान वो शव से पायल और दूसरे गहने भी उतार लेते हैं। इसके बाद शव खोजने के बहाने परिवार से मोटी रकम ऐंठते हैं। उस समय भी यहां महंत वही मुकेश गोस्वामी था, जिसके ऊपर अब कपड़े बदलती हुई महिलाओं को देखने के आरोप लगे हैं। उस समय यह मामला दब गया था मगर अब हिड्न कैमरा केस खुलने के बाद इस महंत की भूमिका की जांच की मांग हो रही है।

“गोताखोरों के कुछ गिरोह जेवर पहनी हुईं महिलाओं और पुरुषों को निशाना बनाते हैं। इसके लिए गैंग के गोताखोर पहले से नहर में पानी के नीचे छिप जाते हैं। जैसे ही महिला-पुरुष स्नान करने गंगनहर में उतरते हैं, वे लोग उनके पैर खींचने लगते हैं और डुबोकर उनकी हत्या कर देते हैं। इसके बाद शव से जूलरी उतार ली जाती है। हत्या के बाद गोताखोर पत्थर से बंधी एक रस्सी से शव बांध देते हैं ताकि शव ऊपर न आ सके। लूट का खेल यहीं खत्म नहीं होता। डूबने वालों के परिवारवाले जब अपनों की तलाश करते हैं, तो यह लोग उनके पास जाते हैं और शव तलाशने के बदले 10 से 20 हजार रुपये वसूलते हैं।”

Taja Report
Author: Taja Report

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