रांची। नोटों की चट्टान मामले में चर्चाओं में आए झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को गुरुवार को ईडी नेपीएमएल ए कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 6 दिनों की रिमांड दी है। रिमांड को लेकर विशेष कोर्ट के जस्टिस प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में लगभग एक घंटे से अधिक समय तक बहस चली। ईडी की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पक्ष रखा। रिमांड आदेश सुनते ही मंत्री खराब सेहत का बहाना बनाकर रो पड़े। कोर्ट के बाहर उनके समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए।
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अदालत को कई अहम जानकारी दी। बीते दिनों मंत्री के पीएस संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर से की गई पूछताछ से जो साक्ष्य मिले, उसके आधार पर जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर के यहां जो रुपए बरामद हुए थे, वे सभी पैसे मंत्री आलमगीर आलम के ही हैं। ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर मैनेज करने को लेकर जो भी कमीशन का खेल चलता था, उसमें आलमगीर आलम का 1.5 फीसदी हिस्सा होता था। ऐसा नहीं था कि विभाग में चल रही गड़बड़ियों की जानकारी मंत्री आलमगीर को नहीं थी। इसके अलावे कई डॉक्यूमेंट से संबंधित जानकारी भी कोर्ट को दी गई। आलमगीर की ओर से अदालत से हेल्थ ग्राउंड पर सहयोग की अपील की गई थी, जिसमें उन्होंने कोर्ट से कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। इस पर अदालत ने उन्हें राहत देते हुए कहा कि आलमगीर को हेल्थ से संबंधित तमाम सुविधाएं दी जाएं। जब आलमगीर आलम को कोर्ट रूम में ले जाया जा रहा था तब उनके समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए।

