मुजफ्फरनगर । आज विकास भवन में ग्राम प्रधान संगठन का धरना एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह के साथ वार्ता के बाद समाप्त कर दिया गया। इससे पहले प्रधानों के बीच पहुंचे भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा हर समस्या का समाधान बातचीत से हल होता है। प्रधानों की कई समस्यायों का हल हुआ हे कुछ मांगों के लिए एक कमेटी प्रधानों की बनाई गई है जो सीडीओ और डीपीआरओ से बातचीत करके हल होगी। ग्राम प्रधानों पर मुकदमों को लेकर उन्होंने कहा कि कोई जेल नहीं जाएगा।अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने अपने ऊपर हो रही उत्पीड़नात्मक कार्यवाही के खिलाफ आवाज उठाते हुए मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रधानों का आरोप है कि सीडीओ के द्वारा तानाशाही रवैया अपना कर ग्राम पंचायतों में कराये जाने वाले कार्यों को कराने में डाले जा रहे अनावश्यक दबाव डालने और आदर्श आचार संहिता के दौरान भी मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अनावश्यक दबाव डालकर ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रधानों ने बताया कि शासन स्तर से संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन प्रदेश के समस्त जनपदों में नियमानुसार किया जा रहा है परन्तु किसी भी अन्य जनपद में योजनाओं के क्रियान्वयन इस तरह का अनावश्यक दबाव में नही डाला जा रहा है किन्तु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अपनी हठधर्मिता चलाते हुए तानाशाही रवैया अपना कर जबरदस्ती योजनाओं के क्रियान्वयन करने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि उन्हे फील्ड में कार्य करने के दौरान आने वाली कठिनाइयो की कोई जानकारी नही है केवल और केवल अपनी हठधर्मिता चलाकर कार्य कराना चाहते है। मुख्य विकास अधिकारी के इस प्रकार मनमाने एव तानाशाही तरीके से कार्य कराने के चलते समस्त ग्राम प्रधानों द्वारा सम्पूर्ण कार्य का बहिष्कार किया गया और जब तक प्रधानों की विभिन्न मांगों के संबंध में जनपद स्तर से कोई तर्कसंगत निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक अनिश्चित काल तक कार्य बहिष्कार की घोषणा की गयी। प्रधानों ने प्रशासन से विभिन्न मांगे रखी जिसमें विकास खण्ड चरथावल के ग्राम प्रधानों पर आर०टी०आई० कार्यकर्ता द्वारा जो फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है उसे एक्सपंज कराया जाये। राज्य वित्त का 4 प्रतिशत गौशाला पूल धनराशि को बन्द किया जाये। आर०आर०सी० निर्माण कार्य की वित्तीय एंव तकनीकी स्वीकृति दिलाने के संबंध में भी मांग की गई।


