मुजफ्फरनगर। कृषि उत्पादन मंडी समिति में भ्रष्टाचार का बोलबाला साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। फॉर्म के साझेदारी को अलग करने के नाम पर लाखों रुपए की रिश्वत मंडी सचिव द्वारा मांगी गई है ।
मामला दरअसल मुजफ्फरनगर की कृषि उत्पादन मंडी समिति का है। जहां केवल राम गंगाराम नाम की फर्म के मालिक रिंकल बंसल से पूर्व में भागीदारी को अलग करने के नाम पर ₹500000 लिए गए थे। दोबारा जब नए भागीदार को फर्म में सम्मिलित करने की बात आई तो मंडी समिति के सचिव नीतीश मलिक एवं बड़े बाबू धन सिंह द्वारा ₹500000 की मांग की गई । फार्म के मालिक रिंकल बंसल का कहना है कि फर्म के नाम पर एक बार भागीदार को अलग करने और जोड़ने पर केवल एक बार ही पैसे दिए जाते हैं ,परंतु मेरे से मंडी सचिव एवं बड़े बाबू ने दोबारा पैसे की डिमांड की है। जिसको लेकर मेरे द्वारा कल मुजफ्फरनगर में होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंप कर मंडी समिति में बैठे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।व्यापारियों से हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि मंडी समिति में चेकिंग के नाम पर सचिव एवं बड़े बाबू द्वारा अवैध उगाही की जाती है । जिसको लेकर व्यापारियों में पिछले कई दिनों से नाराजगी चल रही है परंतु अब जब व्यापारी को परेशान किया जा रहा है तो मंडी समिति का सभी व्यापारी वर्ग एक होकर कल मुख्यमंत्री से इस विषय में वार्ता करेंगे साथ ही एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौपा जाएगा की आपके द्वारा भाजपा सरकार में किसी को परेशान करने पर निलंबन की कार्रवाई की जाती है परंतु सचिव आज भी अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।


