बदायूं । जिस संपोले के लिए मां चाय बना रही थी, वही उसके दो मासूम बेटों का बेरहमी से कत्ल कर रहा था।
दो मासूम भाईयों का हत्यारा साजिद परिवार का पहले से परिचित था। वह रात आठ बजे अपने दो साथियों के साथ आया तो संगीता उनके लिए चाय बनाने अंदर को चली गईं। तभी साजिद उनके दो बेटों आयुष और अहान को अपने साथ ऊपर ले गया। उसने पीयूष से पानी लाने के लिए कहा। जब तक वह पानी लेकर ऊपर पहुंचा तब तक साजिद ने धारदार हथियार से आयुष और अहान की हत्या कर दी। उसने पीयूष की हत्या का भी प्रयास किया लेकिन वह बच गया। नजदीक के ही शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पढने वाला आयुष कक्षा छह का छात्र था। अहान एलकेजी में पढ़ता था। पीयूष कक्षा तीन का छात्र है। आयुष और अहान बहुत सीधे थे और से बाहर खेलने भी नहीं जाते थे। स्कूल में जरूर अपने दोस्तों से मिलते थे। उन्हें आभास भी नहीं होगा कि जिस साजिद को वे भईया बुलाते हैं वहीं उनका कातिल बनेगा।

