नई दिल्ली। चुनावों की घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। आदर्श आचार संहिता के मुताबिक, मंत्री और अन्य सरकारी अधिकारी किसी भी रूप में वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं कर सकते। किसी भी परियोजना या योजना की घोषणा नहीं की जा सकती है जिसका प्रभाव सत्ता में पार्टी के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने वाला हो, और मंत्री प्रचार उद्देश्यों के लिए आधिकारिक मशीनरी का उपयोग नहीं कर सकते हैं। भारत 18वें लोकसभा के चुनाव के लिए तैयारी कर रहा है, जिसका कार्यक्रम आज घोषित होगा। आदर्श चुनाव संहिता के बाद ये प्रतिबंध लागू होंगे।
1.सरकार के द्वारा लोक लुभावन घोषणाएँ नहीं करना।
2.चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग न करना।
3.राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के द्वारा जाति, धर्म व क्षेत्र से संबंधित मुद्दे न उठाना।
4.चुनाव के दौरान धन-बल और बाहु-बल का प्रयोग न करना।
5.आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी व्यक्ति को धन का लोभ न देना।
6.आचार संहिता लागू हो जाने के बाद किसी भी योजनाओ को लागू नहीं कर सकते।

