मुजफ्फरनगर। शुकदेव आश्रम के स्वामी ओमानंद ब्रह्मचारी व हनुमत धाम के पीठाधीश्वर संत आनन्द सरस्वती ने दीपावली के पंच पर्व पर ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ परम्परा के तहत मिठाई एवं धन वितरण किया। पंच पर्व ’’धनतेरस, छोटी दीपावली, बड़ी दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज’’ पर गत कई वर्षों से ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ की यह व्यवस्था रेशू परिवार व स्टाफ द्वारा की जाती है। इस वर्ष भी विभिन्न संस्थानों, अति पिछड़ो व पिछड़ो क्षेत्रों तथा मंदिरों में ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ की व्यवस्था की गई है। जिससे हर कोई पंचपर्व दीपावली का महापर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ बना सके।
सनातन धर्म की परंपराओं को दीपावली पर्व पर आगे बढ़ाने की साथ-साथ गंगा घाट, हनुमत धाम, शुकदेव आश्रम, अपना घर, भारतीय नेत्र स्कूल, रेशू चैक, कुष्ठ आश्रम, बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र आदि स्थानों पर ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ विचार के साथ मिठाई व धन बांटा गया। जिसमे बड़ी संख्या में संतो के साथ-साथ सत्यप्रकाश रेशू व रेशू स्टाफ के जोगेन्द्र हुड्डा, मनीष भारती, रमन शर्मा, विजय गोस्वामी, नैनसी गर्ग, शोभित मिश्रा, मनोज शर्मा, रेखा आदि की भी भागीदारी रही।
सत्यप्रकाश रेशू ने मिठाई एवं धन वितरण करते हुए जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर धनतेरस पर दीपावली मनाई और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम सभी को अंदर से बाहर तक प्रसन्नता देते हैं। सत्यप्रकाश रेशू ने सभी से सबके साथ सबको धन-धान्य-सबको मिठाई की बात संतो के आर्शीवाद से पूरी कराई। जिससे गंगा क्षेत्र के अन्तिम झोर तक मिठाई व धन पहुँचा।
हनुमान धाम के पीठाधीश्वर संतश्री आनन्द सरस्वती, शुकदेव आश्रम के महंत ओमानंद ब्रह्मचारी, अपना घर व भारतीय नेत्र स्कूल के संचालकों को सत्यप्रकाश रेशू की ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ देने की योजना बहुत अच्छी लगी। इस विचार से पहले भी अनेकों साधन सम्पन्न लोग मिठाई व पैसे का बड़ी संख्या में अनजान व जरूरतमंद लोगों को वितरण करते रहे हैं। ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ विचार में जब तक मिठाई व पैसा रहता है तभी तक बांटते रहते हैं।
अनगिनत संतो, महिला, ग्रामीणों, चलते फिरते लोगों ने ’’सबको धन-धान्य-सबको मिठाई’’ पर अपनी प्रसन्नता जताई। रेशू टीम में जोगिंदर हुड्डा, रमन शर्मा, अतुल कौशिक, मनीष भारती, नैनसी गर्ग, रेखा, मनोज शर्मा, शोभित मिश्रा, कपिल कुमार, अमित पाल, सुशील, जयभगवान एवं लोकेश कश्यप आदि उपस्थित रहे।


